विंडहोक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नेंडी-नदैतवा के साथ वार्ता की और डिजिटल प्रौद्योगिकी रक्षा सुरक्षा कृषि स्वास्थ्य सेवा शिक्षा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-नामीबिया संबंधों की समग्र समीक्षा की।
बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘‘डिजिटल प्रौद्योगिकी रक्षा सुरक्षा कृषि स्वास्थ्य सेवा शिक्षा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग हमारी चर्चा में प्रमुखता से शामिल रहा।’’
उन्होंने कहा ‘‘हमने व्यापार ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स के क्षेत्र में संबंधों को प्रगाढ़ करने के तरीकों पर भी चर्चा की। ‘प्रोजेक्ट चीता’ में नामीबिया की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।’’
स्टेट हाउस में वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग नामीबिया में उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना सीडीआरआई (आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन) फ्रेमवर्क और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन फ्रेमवर्क शामिल हैं।
यह प्रधानमंत्री मोदी की नामीबिया की पहली और भारत से किसी प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा है।
पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में ब्राजील से यहां पहुंचे मोदी ने राष्ट्रीय स्मारक ‘हीरोज एकर’ में नामीबिया के संस्थापक सैम नुजोमा को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। नुजोमा ने 1990 में नामीबिया को स्वतंत्रता दिलाई और 15 वर्षों तक इसके राष्ट्रपति रहे थे।
राष्ट्रपति नेंडी-नदैतवा के निमंत्रण पर यहां आए मोदी ने नामीबिया को अफ्रीका में एक ‘‘महत्वपूर्ण और विश्वसनीय साझेदार’’ बताया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी का स्टेट हाउस में स्वागत किया गया और उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common