पटना, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में इस समय राष्ट्रीय स्तर की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। प्रधानमंत्री गति शक्ति (पीएमजी) पोर्टल पर राज्य में कुल 170 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है जिनमें कुल 7.50 लाख करोड़ रुपए का निवेश शामिल है।
गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे चौधरी अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ये परियोजनाएं सड़क एवं राजमार्ग रेलवे बिजली तेल एवं गैस दूरसंचार शहरी अवसंरचना स्वास्थ्य तथा अंतर्देशीय जलमार्ग जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी हैं जो क्षेत्रीय संपर्क और सामाजिक-आर्थिक विकास में बिहार की बढ़ती भूमिका को दर्शाती हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण सहायक भूमिका निभा रही है। भूमि अधिग्रहण वैधानिक स्वीकृतियों कानून-व्यवस्था प्रबंधन तथा विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और परियोजना एजेंसियों के साथ समन्वय के जरिए समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि परियोजनाओं से जुड़ी लगभग 96 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।
चौधरी ने कहा कि कुल 170 परियोजनाओं में से 60 परियोजनाएं पूरी होकर चालू हो चुकी हैं। इनमें 1 28 095 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। वहीं 110 परियोजनाएं जिनमें 5 30 094 करोड़ रुपए का निवेश शामिल है वर्तमान में निर्माण अथवा कार्यान्वयन के चरण में हैं। इस प्रकार लगभग 65 प्रतिशत परियोजनाएं निष्पादन चरण में हैं जो राज्य में निरंतर अवसंरचना विस्तार को दर्शाता है।
क्षेत्रवार स्थिति के अनुसार सड़क एवं राजमार्ग क्षेत्र की 72 परियोजनाएं और रेलवे की 38 परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा बिजली तेल एवं गैस तथा दूरसंचार क्षेत्र की परियोजनाएं भी हैं। विभिन्न क्षेत्रों में फैला यह निवेश राष्ट्रीय परिवहन गलियारों ऊर्जा नेटवर्क और डिजिटल अवसंरचना पहलों के साथ बिहार के बढ़ते एकीकरण को रेखांकित करता है।
चौधरी ने बताया कि राज्य में परियोजनाओं से जुड़े कुल 266 मुद्दे सामने आए हैं जिनमें से 255 यानी लगभग 96 प्रतिशत सुलझा लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल 11 मुद्दे लंबित हैं जिनमें से सात प्रगति से संबंधित हैं। इन शेष मुद्दों की निगरानी प्रधानमंत्री गति शक्ति और प्रगति तंत्र के माध्यम से की जा रही है तथा संबंधित जिला प्रशासन विभागों और केंद्रीय मंत्रालयों के साथ समन्वय कर इनके समाधान के प्रयास जारी हैं।
मुद्दों में सबसे अधिक संख्या भूमि अधिग्रहण से संबंधित है जो कुल 167 है। इसके बाद वन वन्यजीव और पर्यावरण स्वीकृतियों से जुड़े 32 तथा राइट ऑफ यूज/राइट ऑफ वे से जुड़े 23 मुद्दे हैं। ये तीनों श्रेणियां मिलकर कुल मुद्दों के 80 प्रतिशत से अधिक हैं जो यह दर्शाता है कि अधिकांश परियोजनाएं रेखीय अवसंरचना जैसे राजमार्ग रेलवे पाइपलाइन और ट्रांसमिशन लाइनों से जुड़ी हैं।
अन्य मुद्दों में कानून-व्यवस्था से जुड़े 13 बिजली ईंधन और उपयोगिता सेवाओं से जुड़े 13 तथा निर्माण से संबंधित नौ मुद्दे शामिल हैं।
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