बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए सालाना 15 लाख करोड़ रुपये के बजट की जरूरत : मांडविया

नयी दिल्ली,  केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने और सभी के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने को सरकार का बुनियादी ढांचा निवेश बजट अगले 25 साल तक वर्तमान 11.5 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 15 लाख करोड़ रुपये प्रति वर्ष होना चाहिए।

             अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए)- कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम (ईएसआईसी) की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी  फॉर्मलाइजेशन एंड सोशल सिक्योरिटी कवरेज फॉर वर्कर्स इन इनफॉर्मल सेक्टर चेलेंजिस एंड इनोवेशन  के उद्घाटन के दौरान मांडविया ने कहा कि 2012 में बुनियादी ढांचे पर निवेश का बजट 1.2 लाख करोड़ रुपये था लेकिन नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद  2014 में यह बजट बढ़कर 2.4 लाख करोड़ रुपये हो गया।

             उन्होंने कहा   2024 में बजट 11.5 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। हमें इसे 15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना होगा। जब सरकार अगले 25 वर्षों तक बुनियादी ढांचे पर 15 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी  तभी भारत 2047 तक एक विकसित देश बन पाएगा।

             उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है  जिससे लोगों की क्रय शक्ति बढ़ रही है और नए क्षेत्र में नई नौकरियों का सृजन हो रहा है।  मंत्री का मानना ​​है कि सरकार को इन नए क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करनी होगी। मांडविया ने कहा कि एक दशक पहले  2014 में सामाजिक सुरक्षा संरक्षण केवल 24 प्रतिशत था।

             उन्होंने कहा कि अब यह 48 प्रतिशत है जिसमें खाद्य सुरक्षा शामिल नहीं है और यदि हम इसमें खाद्य सुरक्षा को जोड़ दें तो देश में सामाजिक सुरक्षा संरक्षण 68 प्रतिशत हो जाता है जो एक बड़ी उपलब्धि है।

             उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या 1.4 अरब है और इन परिस्थितियों में सरकार ने पिछले दशक में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में बेजोड़ कार्य किया है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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