लंदन, ब्रिटेन में नये प्रधानमंत्री के चुनाव की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है और ऐसे में ऋषि सुनक तथा लिज ट्रस दोनों उम्मीदवारों ने रविवार को दोहराया कि देश में ऊर्जा संकट के मुद्दे से वे प्राथमिकता से निपटेंगे।
भारतीय मूल के पूर्व वित्त मंत्री सुनक ने कम आय वाले समूहों को लक्षित समर्थन का अपना वादा दोहराया, वहीं विदेश मंत्री ट्रस ने विस्तार से अपनी योजना नहीं बताते हुए केवल इतना कहा कि अगर वह सोमवार को कंजर्वेटिव पार्टी की नेता तथा प्रधानमंत्री चुनी जाती हैं तो तत्काल काम शुरू करेंगी।
बोरिस जॉनसन के उत्तराधिकारी की दौड़ में जारी प्रचार अभियान में सबसे प्रमुख मुद्दा रूस-यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर ऊर्जा और ईंधन के दाम बढ़ने से रहन-सहन का खर्च बढ़ना है।
सुनक ने बीबीसी को दिए अपने साक्षात्कार में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह देश के सामने सबसे ज्वलंत मुद्दा है और इसलिए मैंने स्पष्ट योजना एवं रूपरेखा बनाई है कि हम इससे किस तरह निपटेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा है कि मैं सीधे तौर पर वित्तीय समर्थन दूंगा, जिसमें से कुछ की घोषणा मैंने वित्त मंत्री के रूप में की थी तथा प्रधानमंत्री बनने पर मैं और भी काम करूंगा क्योंकि हालात बिगड़ गए हैं।’’
ट्रस (47) ने बीबीसी से कहा कि बिजली बिलों को लेकर फैसले जनता तथा अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
खबरों के मुताबिक ब्रिटेन के इस चुनाव के विजेता को बिजली के आसमान छूते दाम की समस्या से तत्काल आधार पर निपटना होगा। खबरों में कहा गया है कि बिजली के बिल बढ़ने से कारोबार बंद होने का खतरा बढ़ सकता है और लाखों लोगों के सामने भोजन पकाने या आने वाली सर्दियों में अपने घरों को गर्म करने में से एक को चुनने की दुविधा हो सकती है।
ट्रस ने घोषणा की है कि अगर वह प्रधानमंत्री बनती हैं तो इस महीने के अंत तक एक आपातकालीन बजट में कर कटौती के लिहाज से करीब 30 अरब पाउंड देंगी।
कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व की दौड़ में मतदान करने के हकदार पार्टी सदस्यों के अधिकतर सर्वेक्षणों में संभावना व्यक्त की गई है कि मार्गरेट थेचर और थेरेसा मे के बाद ट्रस ब्रिटेन की तीसरी महिला प्रधानमंत्री बन सकती हैं।
सुनक और ट्रस में से कौन ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनेगा, इस बारे में सोमवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे घोषणा की जाएगी।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)