भर्ती नियमों को सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्रीकृत डिजिटल मंच पर विचार

जम्मू, जम्मू कश्मीर सरकार सभी विभागों में भर्ती नियमों को तय करने और उनमें संशोधन के लिए एकल खिड़की डिजिटल प्रणाली स्थापित करने पर विचार कर रही है। एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रशासनिक सुधार निरीक्षण (एआरआई) और प्रशिक्षण मंत्री सतीश शर्मा ने प्रस्ताव की समीक्षा करने के लिए यहां एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। शर्मा ने सरकारी विभागों के समयबद्ध और पारदर्शी कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के महत्व पर बल दिया।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित डिजिटल मंच भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा सुधार लाएगा जिससे एक समान नीति कार्यान्वयन और तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी। मंत्री ने इस पहल की संकल्पना के लिए एआरआई और प्रशिक्षण विभाग के प्रयासों की सराहना की और अधिकारियों को सामान्य प्रशासनिक विभाग (जीएडी) वित्त कानून तथा जम्मू और कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) के परामर्श से प्रणाली के डिजाइन में तेजी लाने का निर्देश दिया जिससे हर स्तर पर अंतर-विभागीय समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

शर्मा ने कहा “यह डिजिटल सुधार प्रशासनिक देरी को काफी हद तक कम करेगा पारदर्शिता लाएगा और सभी विभागों में भर्ती प्रक्रिया के समान क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा। सिंगल विंडो सिस्टम न केवल दक्षता बढ़ाएगा बल्कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग (वास्तविक समय पर निगरानी) और जनसुलभता के माध्यम से जवाबदेही को भी मजबूत करेगा।” उन्होंने निर्देश दिया कि इस प्रणाली को मौजूदा ई-ऑफिस ढांचे के साथ एकीकृत किया जाए और विभागीय नोडल अधिकारियों के लिए क्षमता-विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि प्रभावी क्रियान्वयन और सुगम संक्रमण सुनिश्चित हो सके।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों और हितधारकों को स्वीकृत भर्ती नियमों तक ऑनलाइन पहुंच प्रदान करने के लिए एक ‘पब्लिक रेफरेंस व्यू’ शुरू किया जाए जिससे पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया जा सके। प्रवक्ता ने कहा कि यह नयी पहल सभी विभागों में भर्ती नीति की एकरूपता सुनिश्चित करेगी कागजी कार्यवाही में उल्लेखनीय कमी लाएगी और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाएगी। इसके साथ ही विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी।

प्रवक्ता के अनुसार इस प्रणाली में एक ऑनलाइन पोर्टल और डैशबोर्ड शामिल होगा जिसमें विभागों के लिए सुरक्षित लॉगिन की सुविधा होगी। इसमें प्रस्तावों के लिए मानकीकृत डिजिटल टेम्पलेट उपलब्ध कराए जाएंगे और इन्हें एआरआई एवं प्रशिक्षण वित्त विधि सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) को एक साथ ऑनलाइन भेजा जा सकेगा।

प्रवक्ता ने बताया कि प्रस्तावित मॉडल के तहत संबंधित विभागों को 30 दिनों के भीतर अपने प्रस्ताव तैयार कर ऑनलाइन जमा करने होंगे। इसके बाद एआरआई एवं प्रशिक्षण वित्त विधि सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) और स्थायी समिति प्रत्येक स्तर पर 10 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करेंगे। उन्होंने कहा कि जीएडी द्वारा अंतिम स्वीकृति निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित की जाएगी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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