भारतीय तटरक्षक बल के पहले अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत के लिए एमडीएल, मुंबई में कील रखी गई

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के छह अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों (एनजीओपीवी) में से पहले, यार्ड 16401 का कील-बिल्डिंग समारोह, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल), मुंबई में आयोजित किया गया।

117 मीटर लंबे इस पोत की अधिकतम गति 23 समुद्री मील और परिचालन सीमा 5,000 समुद्री मील होगी। इसमें 11 अधिकारी और 110 कर्मचारी रह सकेंगे। इन जहाजों में अत्याधुनिक तकनीकें शामिल होंगी, जिनमें एआई-आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव, रिमोट पायलटेड ड्रोन, एकीकृत ब्रिज सिस्टम (आईबीएस) और एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) शामिल हैं।

आईसीजी क्षेत्रीय मुख्यालय (उत्तर पश्चिम) के मुख्य कर्मचारी अधिकारी (तकनीकी) उप महानिरीक्षक आरएच नांदोदकर ने समारोह की अध्यक्षता की। उनके साथ एमडीएल के कार्यकारी निदेशक (जहाज निर्माण) ए विनोद और आईसीजी तथा एमडीएल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

ये एनजीओपीवी 20 दिसंबर 2023 को हस्ताक्षरित एक अनुबंध के तहत बनाए जा रहे हैं और भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण के अनुरूप, पूर्ण स्वदेशी खरीद (भारतीय-आईडीडीएम) श्रेणी के अंतर्गत आते हैं।

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