भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और आवास और शहरी मामलों के मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की कि भारत वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (जीबीए) के माध्यम से जैव ईंधन के क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार है। G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किए गए GBA को पहले ही 19 देशों और 12 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिल चुका है। जीबीए का लक्ष्य बढ़ावा देना है वैश्विक ऊर्जा संक्रमण के प्रमुख तत्व के रूप में जैव ईंधन, आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता को कम करता है। मंत्री हरदीप पुरी ने इसके गठन में योगदान के लिए सुश्री जेनिफर ग्रैनहोम (अमेरिकी ऊर्जा विभाग), श्री अलेक्जेंड्रे सिल्वेरा (ब्राजील के ऊर्जा मंत्री), और डॉ. इवांड्रो गुसी (यूएनआईसीए ब्राजील के अध्यक्ष और सीईओ) जैसी प्रमुख हस्तियों का आभार व्यक्त किया। जीबीए. जी20 देशों और वैश्विक ऊर्जा संगठनों द्वारा समर्थित गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन व्यापार को मजबूत करेगा, अतिरिक्त आय स्रोत बनाकर किसानों को लाभान्वित करेगा, और हरित भविष्य में योगदान करते हुए तेल आयात पर महत्वपूर्ण रकम बचाने में भारत की सहायता करेगा। जीबीए दुनिया भर में टिकाऊ जैव ईंधन को बढ़ावा देने के लिए क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता और नीति-साझाकरण प्रदान करेगा, जो भारत के लिए वैश्विक मान्यता, प्रौद्योगिकी निर्यात के अवसरों और मौजूदा जैव ईंधन कार्यक्रमों के लिए समर्थन सहित कई लाभ प्रदान करेगा। वैश्विक इथेनॉल बाजार की विकास क्षमता नेट जीरो लक्ष्यों के अनुरूप भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।
#GlobalBiofuelsAlliance के माध्यम से बायोफ्यूल पर दुनिया को नई राह दिखाएगा भारत!
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) September 9, 2023
'वसुधैव कुटुंबकम' के मंत्र पर चलते हुए सनातन के सच्चे सेवक PM श्री @narendramodi जी का यह प्रयास निश्चितरूप से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की निर्भरता को कम करेगा।#GlobalBiofuelsAllianceAtG20 pic.twitter.com/pIcQ1tNGRS