भारत ने हाल ही में पारित वक्फ संशोधन अधिनियम पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को दृढ़ता से खारिज करते हुए उन्हें “प्रेरित और बेबुनियाद” बताया है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।जयसवाल ने कहा, “पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने के बजाय अल्पसंख्यक अधिकारों के बारे में अपने खुद के निराशाजनक रिकॉर्ड पर विचार करना चाहिए।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वक्फ संशोधन अधिनियम भारतीय संसद का एक संप्रभु विधायी निर्णय है।भारत की प्रतिक्रिया पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान की टिप्पणियों पर आई है, जिन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक को अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन बताया था। खान ने कहा, “इस भेदभावपूर्ण कानून का पारित होना भारत में बढ़ते बहुसंख्यकवाद को भी दर्शाता है। इस बात की गंभीर आशंका है कि यह भारतीय मुसलमानों को और अधिक हाशिए पर धकेल देगा।” हाल ही में संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया गया। 4 अप्रैल, 2025 को, राज्यसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी, इससे पहले लोकसभा में इसे पारित किया गया था। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में मुद्दों को ठीक करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 को अद्यतन करना है।