भारत ने 14 जुलाई को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरते समय दो जहाजों, MT अल बाहिया और MT मोम्बासा पर हुए हमलों पर गहरी चिंता जताई है।
इन दोनों जहाजों के कुल 46 क्रू सदस्यों में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। MT अल बाहिया पर सवार 12 भारतीयों में से एक की मौत हो गई और एक घायल हो गया। MT मोम्बासा पर 18 भारतीय सवार थे, जिनमें से नौ घायल हुए; इनमें से दो के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।
विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। मंत्रालय ने कहा कि UAE में भारत का मिशन और पोस्ट स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद सुनिश्चित करने के लिए UAE अधिकारियों के संपर्क में हैं।
विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया और हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
भारत ने नाविकों को निशाना बनाने वाले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने वाले हमलों और हिंसा की कड़ी निंदा की।
सरकार ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और तनाव बढ़ने पर भी अपनी गहरी चिंता दोहराई। साथ ही, शांति, सुरक्षा और स्थिरता के हित में हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने का आह्वान किया।
मंत्रालय ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के ज़रिए स्वतंत्र और बिना रुकावट आवाजाही और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।https://en.wikipedia.org/wiki/Strait_of_Hormuz#/media/File:Strait_of_Hormuz.png