कौशांबी/बस्ती (उत्तर प्रदेश), केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भगवान राम देश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं और भारत में ‘रामराज्य’ की स्थापना करना भाजपा का लक्ष्य है।
गडकरी ने कौशांबी जिले की चायल तहसील के सकाढ़ा गांव में आयोजित कार्यक्रम में 2,659 करोड़ रुपयों की लागत से बनने वाले 164 किलोमीटर लंबे छह राजमार्गों का शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि भगवान राम उत्तर प्रदेश वासियों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं, जो भी काम हो रहा है, सब भगवान राम के आशीर्वाद से हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का लक्ष्य भारत में रामराज्य स्थापित करने का है। महात्मा गांधी ने कहा था कि रामराज्य ही आदर्श शासन व्यवस्था है। हमें जातिवाद और संप्रदायवाद को समूल नष्ट करके हर बेरोजगार को रोजगार देकर भारत में रामराज्य स्थापित करना है।’’
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले पांच साल में योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में आपने जो भी देखा है वह मात्र ट्रेलर था, अब सही फिल्म चालू होगी, उत्तर प्रदेश को एक समृद्धशाली और शक्तिशाली राज्य के रूप में स्थापित करना है।
गडकरी ने जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया, उनमें राम वन गमन मार्ग के प्रस्तावित बरमपुर कादीपुर इचौली से रामपुरिया आयल खंड के चार लेन के मार्ग का चौड़ीकरण एवं उन्नयन शामिल है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अयोध्या से चित्रकूट तक 258 किलोमीटर का राम वन गमन मार्ग 5000 करोड़ रुपये की लागत से जून 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर कोखराज से हंडिया बाईपास पर दक्षिणी बाईपास मार्ग बनाने के साथ रिंग रोड बनाने की भी घोषणा की।
उधर बस्ती जिले में, नितिन गडकरी ने 1,624 करोड़ रुपये की 139 किलोमीटर लंबी तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन / शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में अयोध्या से चित्रकूट तक की सड़क को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से रामेश्वरम तक बढ़ाया जाएगा ताकि लोगों की सुविधा हो सके, जो भगवान राम द्वारा बनाया गया रामसेतु देखना चाहते हैं।
गडकरी ने बस्ती स्थित महाराजा दशरथ इंटर कॉलेज से अपने संबोधन के दौरान कहा, “भाजपा जो कहती है वही करती है। राज्य में 3.5 लाख करोड़ रुपये की सड़कों और पुलों की परियोजनाओं के साथ बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव हुए हैं। अगर उत्तर प्रदेश में दोबारा डबल इंजन की सरकार आती है तो राज्य में पांच लाख करोड़ रुपये के सड़क और पुल की परियोजनाएं आएंगी।
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