मुंबई, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि चंद्रपुर जिले के राजौरा विधानसभा क्षेत्र में “वोट चोरी” का राहुल गांधी द्वारा पर्दाफाश करने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि (राजौरा में) 6 850 वोटों में हेराफेरी की गई और यहां तक कि फडणवीस के नेतृत्व वाले गृह विभाग के तहत राज्य पुलिस ने भी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की। पड़ोसी जिले ठाणे में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपकाल ने कहा “राहुल गांधी ने एक बार फिर उजागर किया है कि महाराष्ट्र में लोकतंत्र का किस तरह गला घोंटा जा रहा है। राजौरा में 6 000 से ज्यादा मतों की चोरी जिसकी पुष्टि अब मुख्यमंत्री फडणवीस की अपनी पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी से होती है साबित करती है कि महायुति गठबंधन को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
पार्टी के कोंकण संभाग की समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा “भाजपा ने निर्वाचन आयोग की मदद से वोट चुराकर सत्ता हासिल की। फडणवीस को अपनी आंखें खोलनी चाहिए और तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।” निर्वाचन आयोग पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक राजनीतिक नेता की तरह बोल रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया “लोकतंत्र को नष्ट करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा भारत को नेपाल या श्रीलंका जैसा बनाना चाहते हैं।” सपकाल ने हाल ही में किए गए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों को “राहुल गांधी की दूरदर्शिता की जीत” करार दिया। उन्होंने कहा “राहुल गांधी ने आठ साल पहले जीएसटी सुधारों की मांग की थी और सरकार आज उन बदलावों को लागू कर रही है।”उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस 22 सितंबर को राज्य भर में व्यापारियों को मिठाई बांटकर इस अवसर का जश्न मनाएगी।सपकाल ने स्कूलों में तीसरी भाषा “थोपने” के प्रयासों के लिए राज्य सरकार की आलोचना की।
पार्टी द्वारा ऐसे किसी भी कदम का विरोध करने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा “मराठी सिर्फ एक भाषा नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान है। एक और भाषा थोपकर फडणवीस मराठी की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। भाजपा भारत की विविधता में एकता की पहचान को मिटाने की कोशिश कर रही है।”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common