मायावती ने शहरों के नाम बदलने की प्रवृति की आलोचना की, संकीर्णं मानसिकता वाली राजनीति

लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र और उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकारों द्वारा जिलों शहरों व संस्थानों के नाम बदलने की प्रवृत्ति की आलोचना की और इसे अपनी विफलताओं को छिपाने के उद्देश्य से ‘संकीर्ण मानसिकता वाली राजनीति’ करार दिया। बसपा प्रमुख ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा “उत्तर प्रदेश में पूर्व सपा सरकार (2012-2017) की तरह ही महाराष्ट्र उत्तराखंड और प्रदेश के जिला शहरों व संस्थानों के नामों को बदलने की भाजपा सरकार की प्रवृति कानून के राज का नहीं बल्कि द्वेष व भेदभाव के आधार पर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने की संकीर्ण राजनीति है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्ष 1995 के अविभाजित उत्तर प्रदेश से लेकर 2012 तक बसपा की चार बार रही सरकारों में सुशासन को ध्यान में रखकर अनेक नई कल्याणकारी योजनाओं और जिले तहसील अस्पताल विश्वविद्यालय नए नामों से बनाए गए और कभी भी किसी का नाम नहीं बदला गया जिससे सरकारों को सीख लेने की जरूरत है। मायावती की यह टिप्पणी विभिन्न राज्यों में विभिन्न स्थानों के नाम बदलने को लेकर जारी बहस के बीच आई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार देहरादून नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों में 11 स्थानों के नाम बदलने की घोषणा की थी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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