श्रीनगर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने जम्मू कश्मीर सरकार से उन युवाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया जिन्हें अतीत में अवैध गतिविधियों के लिए जेल की सजा काटने के बाद भी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कथित तौर पर परेशान किया जा रहा है।
मीरवाइज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि उन कुछ युवाओं के परिवारों जिन्हें परेशान किया जा रहा था ने उनसे संपर्क किया और कहा कि वे व्यथित महसूस कर रहे थे।
मीरवाइज ने कहा ‘‘कश्मीरियों की बार-बार गिरफ्तारी – जिनमें से कई अपनी सजा पूरी कर चुके हैं – से न्याय नहीं होता। युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। गिरफ़्तार किए गए व्यक्तियों के परिवार वाले परेशान होकर मेरे पास आए हैं।’’
मीरवाइज ने कहा ‘‘इस तरह के उत्पीड़न से घाव और गहरे होते हैं और लोगों में अविश्वास और गुस्सा बढ़ता है। अधिकारियों से इस दंडात्मक दृष्टिकोण को समाप्त करने का आग्रह करें।’’
हुर्रियत प्रमुख ने यह भी कहा कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू कश्मीर सरकार कथित उत्पीड़न के मामले में मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती। उन्होंने कहा इसके अलावा लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि मूकदर्शक नहीं बने रह सकते उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों के बुनियादी अधिकार बरकरार रहें।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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