मॉस्को चार सितंबर (भाषा) रूस की राजधानी में आयोजित 38वें मॉस्को अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले (एमआईबीएफ) में भारत की 2 500 से अधिक पुस्तकें हैं जिनमें हिंदी अंग्रेजी बांग्ला तमिल सहित कई भारतीय भाषाओं की रचनाएं शामिल हैं।
बुधवार को यहां आरंभ हुए 38वें मॉस्को अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले (एमआईबीएफ) में भारत को अतिथि देश (गेस्ट ऑफ ऑनर) के रूप में आमंत्रित किया गया है और उसे ऐतिहासिक सोवियत काल के वीडीएनकेएच प्रदर्शनी परिसर में आयोजित इस पांच दिवसीय मेले में केंद्रीय मंडप (सेंट्रल पवेलियन) प्रदान किया गया है। मेला सात सितंबर तक चलेगा।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के समन्वय से इस पहल में 50 से अधिक भारतीय प्रकाशकों ने भाग लिया है। ‘‘रीड एंड एक्सप्लोर इंडिया’’ (पढ़ें और भारत को जानें) थीम के तहत भारतीय साहित्य के साथ-साथ कई बाल पुस्तकों के रूसी अनुवाद भी प्रस्तुत किए गए हैं।
भारतीय मंडप का उद्घाटन करते हुए रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 7.5 से 8 प्रतिशत के बीच है। उन्होंने भारत की समृद्ध पठन संस्कृति को रेखांकित किया।
पुस्तक मेले के दौरान भारतीय मंडप में 50 से अधिक परिचर्चाएं और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिनमें नई तकनीकों कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) योग आयुर्वेद शास्त्रीय नृत्य और भारत की सांस्कृतिक विविधता जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। मंडप में एक संवाद केंद्र ध्यान कक्ष तथा भारतीय कला साहित्य सिनेमा पाक कला और पर्यटन पर केंद्रित विशेष क्षेत्र भी बनाए गए हैं।
मेले में रूस सहित बेलारूस ईरान चीन संयुक्त अरब अमीरात सऊदी अरब और उत्तर कोरिया जैसे देशों के 300 से अधिक प्रकाशक और वितरक भाग ले रहे हैं।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common