मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अनुमानित राजकोषीय घाटे का आकलन एक जिम्मेदाराना लक्ष्य है: सीतारमण

नयी दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 6.9 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा एक ‘जिम्मेदाराना’ लक्ष्य है क्योंकि सरकार खर्च बढ़ाने और वित्तीय रूप से मजबूत रहने के बीच एक संतुलन बना रही है।

वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट पर लोकसभा में चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्यों को एक लाख करोड़ रुपये का ऋण बुनियादी ढांचे के विकास और पूंजीगत व्यय में तेजी लाएगा।

मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि किसी को इसे (बजट घाटा अनुमान को) असमान्य समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि करीब दो साल तक कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार के अधिक खर्च करने के कारण भी राजकोषीय घाटा बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘ 6.9 प्रतिशत राजकोषीय घाटा ‘जिम्मेदाराना राजकोषीय घाटा’ है।

उन्होंने राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम में राजकोषीय घाटा तीन प्रतिशत के नीचे रखने के लक्ष्य से जुड़ा विषय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सदस्य सुप्रिया सुले द्वारा उठाये जाने पर यह कहा।

सीतारमण ने कहा, ‘‘राज्यों को 50 साल के लिए एक लाख करोड़ रुपये दिया जा रहा है। इस पर ब्याज नहीं लगेगा। राज्य को जो भी धन दिया जाता है वह पूरा उपयोग करने के लिए दिया जाता है। राज्य इसके उपयोग के लिए स्वतंत्र हैं और किसी भी मद में इसका उपयोग कर सकते हैं।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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