यदि ईडब्ल्यूएस आरक्षण को 50 फीसद सीमा से छूट है तो मराठा आरक्षण को क्यों नहीं: चव्हाण

मुंबई, महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण ने बृहस्पतिवार को मराठा आरक्षण को उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित 50 फीसद की सीमा से उसी तरह संरक्षण देने की मांग की जैसा कि आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण के सिलसिले में केंद्र ने किया है।

उन्होंने कहा कि यदि ईडब्ल्यूएस आरक्षण को संविधान संशेाधन के जरिए 50 फीसद की सीमा से संरक्षित किया जा सकता है तो केंद्र सरकार सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत मराठों के लिए किये गये आरक्षण के सिलसिले में ऐसा क्यों नहीं कर सकती है।

मराठा आरक्षण पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति के प्रमुख चव्हाण ने कहा कि संविधान आरक्षण पर कोई सीमा निर्धारित नहीं करता है और 50 फीसद की सीमा अदालतों ने तय की है।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘‘ यदि केंद्र 10 फीसद ईडब्ल्यूएस आरक्षण दे सकता है तो कैसे मराठा आरक्षण संविधान के दायरे के बाहर है। ’’

वर्ष 2018 में महाराष्ट्र सरकार ने मराठों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के लिए एक कानून बनाया था। मई में उच्चतम न्यायालय ने इसे ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए खारिज कर दिया।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

%d bloggers like this: