यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं: राजनाथ सिंह

वाराणसी (उप्र), रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस और यूक्रेन के बीच संकट पर बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वी यूरोपीय देश में फंसे भारतीयों को वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वहां विमान उतारने की स्थिति नहीं है।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत शांति चाहता है और दोनों देशों को बातचीत से हल निकालना चाहिए। युद्ध की स्थिति नहीं होनी चाहिए।

सिंह वाराणसी के सेवापुरी में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे।

यूक्रेन संकट पर उन्होंने संवादताताओं से बातचीत में कहा, “केंद्र सरकार ने पहले ही परामर्श जारी किया था। यूक्रेन से भारतीयों को लाने के लिए विमान भेजे गये हैं, लेकिन वहां विमान को उतारने की स्थिति नहीं है।”

उन्होंने कहा, “वहां की स्थिति अभी विषम है। भारत सरकार बच्चों (छात्रों) को वहां से लाने का लगातार प्रयास कर रही है।”

रक्षा मंत्री ने कहा “भारत शांति चाहता है और दोनों देशों को बातचीत से हल निकालना चाहिए। युद्ध की स्थिति नहीं होनी चाहिए।”

सिंह ने एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 2014 के बाद से वाराणसी में विकास का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, “जनता ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई तो हमने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया। पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की। आतंकवाद का सफाया किया।”

उन्होंने कहा, “हम राजग की डबल नहीं बल्कि ट्रिपल इंजन की सरकार बनाना चाहते हैं। ट्रिपल इंजन की सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मिशन और जनता की भागीदारी हो।”

राजनाथ सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “उसका समाजवाद से कोई लेना देना नहीं है। कभी ये कांग्रेस तो कभी बसपा के साथ गठबंधन करते हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया, “सपा की जब भी सरकार आती है तो गुंडे बदमाश हावी हो जाते हैं। हर तरफ अराजकता का बोल बाला हो जाता है। अराजकता फैलाने वाली ऐसी पार्टी के पक्ष में जनता को वोट नहीं करना चाहिए।”

वाराणसी में आठ विधानसभा सीट हैं जिन पर अंतिम चरण में सात मार्च को मतदान होगा। प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में चुनाव हो रहा है।

प्रदेश में अबतक चार चरण का चुनाव हो चुका है। शेष तीन चरणों के लिए 27 फरवरी, तीन और सात मार्च को मतदान होना है तथा मतगणना 10 मार्च को होगी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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