नयी दिल्ली, कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रजनी पाटिल की उच्च सदन की सदस्यता से निलंबन अवधि को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट मिलने तक बढ़ा दिया गया है। उच्च सदन में सभापति जगदीप धनखड़ ने इसकी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि पाटिल को 10 फरवरी को वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था।
सभापति ने पाटिल की निलंबन अवधि को बढ़ाने की घोषणा बृहस्पतिवार को उच्च सदन की बैठक को अनिश्श्चित काल के लिए स्थगित करने के ठीक पहले की । धनखड़ ने कहा, ‘‘10 फरवरी 2023 को, यह निर्देश दिया गया था कि रजनी अशोकराव पाटिल को वर्तमान सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया जाए.।’’
धनखड़ ने कहा कि 27 मार्च 2023 को हुई बैठक में विशेषाधिकार समिति ने सिफारिश की, ‘‘सभापति, सदस्य रजनी अशोकराव पाटिल से संबंधित तात्कालिक मामले की जांच पूरी करने के लिए समिति का समय आगामी मानसून सत्र के पहले सप्ताह तक यानी राज्य सभा के 260वें सत्र तक, बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं… सभापति इस संबंध में सदन में घोषणा करने पर भी विचार कर सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि विशेषाधिकार समिति की बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें उपयुक्त लगता है कि रजनी पाटिल का निलंबन आदेश मौजूदा सत्र के बाद और सदन को विशेषाधिकार समिति की सिफारिशें मिलने तक प्रभावी रह सकता है।
उल्लेखीय है कि कांग्रेस सदस्य रजनी पाटिल को राज्यसभा की कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए बजट सत्र की शेष बैठकों से निलंबित कर दिया गया था।
सभापति धनखड़ ने 10 फरवरी को उच्च सदन में इसकी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि पाटिल ने सदन की कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग कर उसे ट्विटर पर पोस्ट किया जो बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने इस मुद्दे पर संसदीय विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक पाटिल को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित करने की घोषणा की थी।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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