बेंगलुरु, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में राज्य सरकार के कथित ‘‘अनुचित दखल’’ के खिलाफ उनके हस्तक्षेप की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा और जद(एस) के नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से फॉर्म-7 के जरिए आपत्तियां दर्ज कराने वाले लोगों के खिलाफ ‘‘झूठे और अनावश्यक’’ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने से रोकने का भी अनुरोध किया।
राज्यपाल को सौंपे गए पत्र में प्रतिनिधिमंडल ने सत्तारूढ़ कांग्रेस और उसके सदस्यों पर एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावित करने तथा मतदाता सूची में नामों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराने वाले लोगों विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं और समर्थकों को डराने-धमकाने के लिए राज्य पुलिस तंत्र का ‘‘दुरुपयोग’’ करने का आरोप लगाया है।
इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी आर. अशोक और चलवाड़ी नारायणस्वामी समेत भाजपा और जद(एस) के नेता शामिल थे और उन्होंने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें शिकायत पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का इशारा राज्य भर के विभिन्न पुलिस थानों में लोगों विशेष रूप से भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ दर्ज कराए जा रहे आपराधिक मामलों की ओर था जिन पर समाज के कुछ खास वर्गों को निशाना बनाते हुए फर्जी फॉर्म-7 दाखिल करने का आरोप लगाया गया है। फॉर्म-7 वर्तमान मतदाता सूची में नामों को शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताने या नाम हटाने के लिए एक मतदाता आवेदन फॉर्म है।
पत्र के अनुसार निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के तहत प्रपत्र-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराना एक वैध वैधानिक अधिकार था और राज्य सरकार भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के जरिए मामले दर्ज करके इस अधिकार का प्रयोग करने वालों के बीच डर का माहौल पैदा करने का प्रयास कर रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग के 16 जनवरी 2026 के संदेश और मतदाता सूची नियमावली 2023 के प्रावधानों का हवाला देते हुए दावा किया “फॉर्म-7 के माध्यम से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराने पर कोई रोक नहीं है।” पुलिस की शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि फॉर्म-7 आपत्तियों के सिलसिले में बीदर के भालकी बेलगावी के मार्केट एरिया बेंगलुरु के व्यालिकवल बल्लारी और मैसूरु के नरसिम्हाराजा में प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common