रामगोपाल वर्मा ने पुराने साक्षात्कार पर दिया स्पष्टीकरण, रहमान को बताया महान संगीतकार

नयी दिल्ली, फिल्मकार रामगोपाल वर्मा ने संगीतकार ए आर रहमान को अच्छा इंसान बताते हुए बुध स्पष्ट किया कि एक पुराने साक्षात्कार के जरिए उनके बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है। इस साक्षात्कार में वह इस बारे में बात कर रहे हैं कि कैसे रहमान ने ऑस्कर विजेता फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर का गीत जय हो तैयार किया था।

रहमान को ‘बीबीसी एशियन नेटवर्क’ के एक साक्षात्कार में यह कहने पर आलोचना झेलनी पड़ी कि पिछले आठ साल में हिंदी सिनेमा में उनके पास काम कम हो गया है। उन्होंने इसका कारण इंडस्ट्री की सोच में आए बदलाव को बताया और यह भी संकेत दिया कि ऐसा शायद ‘‘साम्प्रदायिक कारणों’ से भी हो सकता है।

सोशल मीडिया पर वर्मा के पुराने साक्षात्कार का एक क्लिप प्रसारित हुआ है जिसमें ऐसा लगता है कि उन्होंने संकेत दिया कि रहमान ने “जय हो” नहीं बनाया और गायक सुखविंदर सिंह ने इस गाने के संगीत के साथ-साथ अपनी आवाज़ भी दी। यह वीडियो ‘एक्स’ पर ट्रेंड करने के बीच वर्मा ने एक पोस्ट साझा कर कहा कि उनका गलत उद्धरण दिया जा रहा है।

फिल्मकार ने लिखा ‘‘सभी संबंधित लोगों के लिए.. मुझे ‘जय हो’ गाने के मामले में गलत तरीके से उद्धृत किया जा रहा। मेरी राय में ए आर रहमान सबसे बड़े संगीतकार और सबसे अच्छे इंसान हैं जिनसे मैं मिला हूं और वह आखिरी व्यक्ति होंगे जो किसी का श्रेय छीनेंगे। मुझे उम्मीद है कि इस बयान से सारी नकारात्मकता खत्म हो जानी चाहिए।” वर्मा ने यह भी कहा कि उनकी फिल्म ‘रंगीला’ में रहमान ने शानदार संगीत दिया था।

छोटे से वीडियो क्लिप में वर्मा एक घटना का वर्णन करते हैं जब रहमान ने फिल्मकार सुभाष घई की 2008 में आई फिल्म युवराज पर काम किया था। इसमें सलमान खान और कैटरीना कैफ ने अभिनय किया था। वर्मा ने कहा ‘‘रहमान देरी के लिए जाने जाते हैं। सुभाष घई ने रहमान को संदेश भेजा। उन्होंने कहा मेरे पास सलमान खान और कैटरीना कैफ के लिए तारीखें हैं। मेरे पास पूरा सेट है। अगर आप मुझे गाने नहीं देंगे तो क्या होगा उन्होंने रहमान को बहुत ही तीखा पत्र भेजा उस समय वह लंदन में थे। तो रहमान ने फोन किया और कहा मैं मुंबई आऊंगा। मुंबई में सुखविंदर सिंह स्टूडियो आइए। मैं वहां आकर आपका गाना गाऊंगा। ’ वर्मा ने बताया कि इसके दो दिन बाद तीनों सिंह के स्टूडियो में मिले।

वर्मा ने कहा रहमान आए और सुभाष घई के सामने ही सुखविंदर से पूछा क्या आपने संगीत दिया है सुखविंदर ने हां कहा और एक गाना सुनाया। रहमान ने कहा कि उन्हें गाना पसंद आया और पूछा कि क्या सुभाष को भी पसंद आया। सुभाष नाराज हो गए और रहमान पर चिल्लाने लगे मैं आपको इसके लिए 3 करोड़ रुपये दे रहा हूं…मैं सुखविंदर से भी करवा सकता हूं मुझे आपकी क्या जरूरत है ’’ वर्मा ने कहा ‘‘रहमान ने जवाब दिया आराम से बात कीजिए। आप मेरे काम के लिए नहीं मेरे नाम के लिए पैसे दे रहे हैं। भ्रमित मत हों… इसके बाद रहमान चेन्नई चले गए। वर्मा के अनुसार रहमान ने बाद में सिंह को फोन किया और उनसे गाना पूरा करने को कहा।

वर्मा ने साक्षात्कार में कहा ‘‘एक साल बाद रहमान के मैनेजर ने सुखविंदर को पांच लाख रुपये का चेक भेजा। सुखविंदर ने पूछा क्यों मैनेजर ने कहा आपने रहमान के लिए एक गाना बनाया था और उन्होंने उसे एक पार्टी को बेच दिया और ये पांच लाख रुपये आपका हिस्सा है। रहमान ने वो गाना किसे बेचा था स्लमडॉग मिलियनेयर और गाना जय हो ।’’

रहमान को जय हो गीत के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत का अकादमी पुरस्कार मिला जिसे उन्होंने गीतकार गुलजार के साथ साझा किया। डैनी बॉयल द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अपने संगीत के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ संगीत का ऑस्कर भी मिला।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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