पूर्णिया (बिहार), गत दिवस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसा कि उनकी ‘‘दुकान’’ बिहार में बंद हो जाएगी क्योंकि विधानसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन का पूरी तरह सफाया होने जा रहा है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 160 से अधिक सीट जीतकर सरकार बनाएगा। शाह ने पूर्णिया कटिहार और सुपौल में लगातार चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ‘‘सीमांचल क्षेत्र को घुसपैठियों का गढ़ बनाने पर आमादा’’ हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर अवैध प्रवासी की पहचान करेगी उनके नाम मतदाता सूची से हटाएगी और उन्हें देश से बाहर भेजेगी।
उन्होंने कहा ‘‘राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार के सीमांचल को घुसपैठियों का अड्डा बनाना चाहते हैं। हम हर घुसपैठिए की पहचान करेंगे उनके नाम मतदाता सूची से हटाएंगे और उन्हें उनके देश वापस भेजेंगे।’’ गृह मंत्री ने कहा ‘‘अगर आप नहीं चाहते कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री घुसपैठिए तय करें तो उस राजद-कांग्रेस गठबंधन को हराइए जो उन्हें बचाने के लिए यात्रा निकाल रहा है।’’
राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए शाह ने कहा ‘‘राहुल गांधी की दुकान बिहार में बंद हो जाएगी क्योंकि इंडिया ब्लॉक का सफाया तय है। राजग 243 सदस्यीय विधानसभा में 160 से अधिक सीट जीतकर सरकार बनाएगा। महागठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी दोनों अपने बेटों — तेजस्वी यादव और राहुल गांधी — को लेकर चिंतित हैं लेकिन ‘‘न बिहार में उनके लिए कोई सीट बची है और न दिल्ली में।’’
उन्होंने कहा ‘‘राज्य का आधा हिस्सा पहले ही कांग्रेस-राजद गठबंधन को दरवाजा दिखा चुका है।’’ उन्होंने छह नवंबर को हुए पहले चरण के मतदान की ओर इशारा करते हुए ऐसा कहा। राजद पर तंज कसते हुए शाह ने कहा ‘‘मैं तेजस्वी से सहमत हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सात जन्मों में भी वह नहीं कर सकते जो लालू प्रसाद ने किया… क्योंकि मोदी जी घोटाले नहीं कर सकते।’’
उन्होंने कहा कि बिहार को औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है जिसमें पेट्रोलियम रिफाइनरी समेत कई परियोजनाएं शामिल हैं। शाह ने यह भी कहा कि नेपाल की नदियों का पानी जो हर साल बिहार में बाढ़ और तबाही लाता है अब किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common