रूसी हमले में जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र का बिजली आपूर्ति तंत्र क्षतिग्रस्त : यूक्रेन

कीव, यूक्रेन की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि रूस की ओर से किए गए हमले ने जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को यूक्रेन ग्रिड से जोड़ने वाले बिजली आपूर्ति तंत्र को क्षतिग्रस्त कर दिया है।

इस हमले के कारण अब यूरोप का यह सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र एक बार फिर से डीजल चालित जेनरेटर पर निर्भर हो गया है। यूक्रेन में युद्ध के कारण बिजली लाइन और बिजली सबस्टेशन को काफी नुकसान पहुंचा है। आपूर्ति बाधित होने से जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के रिएक्टर को ठंडा रखने तथा अन्य सुरक्षा प्रणाली के लिए कई बार जेनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ा है।

यूक्रेन की परमाणु ऊर्जा एजेंसी एनर्गोएटम ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा कि दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन में जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को 15 दिन संचालित करने के लिए जेनरेटर के पास पर्याप्त ईंधन है। एनर्गोएटम ने कहा कि उसके पास परमाणु ऊर्जा संयंत्र को सुरक्षित स्थिति में बनाए रखने के लिए सीमित संसाधन हैं। अपने छह रिएक्टर के निष्क्रिय होने के कारण, संयंत्र अपने खर्च किए गए ईंधन को ठंडा करने के लिए बाहरी बिजली पर निर्भर है।

संयुक्त राष्ट्र के परमाणु ऊर्जा नियामक आईएईए ने चेतावनी दी है कि संयंत्र पर और उसके आसपास गोलीबारी के परिणामस्वरूप विकिरण के आपात हालात पैदा हो सकते हैं। आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि यह घटनाक्रम संयंत्र पर मंडरा रहे खतरे और उसके नाजुक स्थिति में होने को रेखांकित करता है।

ग्रॉसी ने कहा कि इस तरह के बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र को संचालित करने के लिए डीजल जेनरेटर पर निर्भर होना बिल्कुल टिकाऊ तरीका नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी तरह की परमाणु दुर्घटना को रोकने के उपायों की जरूरत है। परमाणु प्रतिष्ठान की सुरक्षा और संरक्षा बहाल करने की तत्काल आवश्यकता है।’’

युद्ध के दौरान संयंत्र के छह रिएक्टर सक्रिय नहीं हैं, लेकिन इसे ठंडा करने के लिए बाहरी बिजली की आवश्यकता होती है। यूक्रेन में 24 फरवरी को युद्ध शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद रूसी सेना ने इस संयंत्र पर कब्जा कर लिया था। यह संयंत्र जापोरिज्जिया क्षेत्र में स्थित है। यह यूक्रेन के उन चार प्रांतों में से एक है जिस पर रूस ने पिछले महीने कब्जा कर लिया था।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने परमाणु संयंत्र को रूस के स्वामित्व में स्थानांतरित करने के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किए, लेकिन यूक्रेन के कर्मियों ने संयंत्र का संचालन जारी रखा। जापोरिज्जिया क्षेत्र के कुछ ही हिस्सों पर यूक्रेन सेना का नियंत्रण है। एनर्गोएटम ने बार-बार संयंत्र से रूसी सेना की वापसी और इसके चारों ओर एक विसैन्यीकृत क्षेत्र बनाने का आह्वान किया है।

इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि निकोपोल शहर में भी रूसी सेना ने बमबारी की, जिससे रिहायशी इमारतें, एक गैस स्टेशन और कई निजी उद्यमों को नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार रूस द्वारा ड्रोन, मिसाइल और भारी तोपखाने से हमलों के कारण अन्य यूक्रेनी शहर भी प्रभावित हुए हैं। इन हमलों में छह नागरिक मारे गए और 16 अन्य घायल हो गए।

जेलेंस्की के पैतृक शहर क्रीवयी रिह को भी रूस ने निशाना बनाया है, जिससे वहां की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। स्थानीय गवर्नर ओलेक्सांद्र विलकुल ने यह जानकारी दी। पूर्व में दोनेत्स्क क्षेत्र में बखमुट और अवदिवका शहरों के लिए लड़ाई जारी है।

रूस के यूक्रेन से अनाज निर्यात के लिए समझौते पर राजी होने से 290,000 टन कृषि उत्पादों को ले जाने वाले सात जहाजों ने यूक्रेन के बंदरगाहों से एशिया और यूरोप की ओर प्रस्थान किया। रूस समझौते में फिर से शामिल होने के लिए सहमत हुआ है, जिसमें यूक्रेन के अनाज और अन्य वस्तुओं को विश्व बाजारों में भेजने की अनुमति दी गई है।

इससे पूर्व, पुतिन ने कहा कि रूस को आश्वासन मिला है कि यूक्रेन रूसी सैन्य बलों पर हमला करने के लिए मानवीय गलियारों को निशाना नहीं बनाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन अपना वचन तोड़ता है तो रूस के पास फिर से इस समझौते से हटने का अधिकार सुरक्षित है।

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बृहस्पतिवार को आगाह किया कि रूस के समझौते में फिर से शामिल होने के फैसले का मतलब यह नहीं है कि समझौता 19 नवंबर के बाद बढ़ाया जाएगा।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : https://en.wikipedia.org/wiki/Zaporizhzhia_Nuclear_Power_Plant#/media/File:Zaporizhzia_nuclear_power_plant_aerial.svg

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