रूस ने यूक्रेन संकट कम करने के अमेरिकी प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी

संयुक्त राष्ट्र, रूस की सरकार ने यूक्रेन संकट को कम करने के उद्देश्य से अमेरिका के प्रस्ताव पर लिखित प्रतिक्रिया भेजी है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के तीन अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने गोपनीयता की शर्त पर यह जानकारी दी। रूस की यह प्रतिक्रिया तब आयी है, जब बाइडन प्रशासन क्रेमलिन पर यूक्रेन सीमा पर तनाव कम करने का दबाव बना रहा है। रूस ने यूक्रेन सीमा पर करीब 1,00,000 सैनिकों को तैनात किया है।

विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने रूस की प्रतिक्रिया की विस्तृत जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘बातचीत को सार्वजनिक रूप से उजागर करना उचित नहीं होगा’’ और वे इसका फैसला रूस पर छोड़ते हैं कि वह अपनी प्रतिक्रिया को लोगों से साझा करें या नहीं।

इस बीच, रूस ने पश्चिम देशों पर यूक्रेन को लेकर ‘‘तनाव बढ़ाने’’ का मंगलवार को आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका कीव में ‘‘नाजियों’’ को सत्ता में लेकर आया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में मॉस्को ने यह टिप्पणी की, जहां रूस और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस हुई।

अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने पलटवार करते हुए कहा कि रूस यूक्रेन सीमा पर 1,00,000 से अधिक सैनिकों को तैनात कर रहा है जो दशकों में यूरोप में ‘‘सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा’’ है। साथ ही उन्होंने कहा कि रूस द्वारा साइबर हमलों और झूठी सूचनाएं फैलाने की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे बिना किसी ठोस तथ्य और आधार के यूक्रेन और पश्चिमी देशों को हमलावर दिखाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि हमले का बहाना बनाया जा सके।’’

सुरक्षा परिषद में यह तीखी बहस ऐसे समय में हुई है जब मॉस्को का बैठक को रोकने का प्रयास नाकाम हो गया। यह पहला खुला सत्र था जहां यूक्रेन संकट के सभी प्रमुख पक्षों ने सार्वजनिक तौर पर बात की।

अमेरिका और रूस के बीच इस संकट को कम करने की बातचीत अब तक नाकाम रही है और पश्चिमी देशों का कहना है कि मॉस्को हमले की तैयारी कर रहा है। वहीं, रूस ने हमले की योजना बनाने से इनकार किया है।

रूसी राजदूत वैसिली नेबेंजिया ने बाइडन प्रशासन पर ‘‘तनाव को बढ़ाने और उकसाने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने थॉमस ग्रीनफील्ड की ओर देखते हुए कहा, ‘‘आप यह चाहते हैं। आप ऐसा होने का इंतजार कर रहे हैं।’’

उन्होंने अमेरिका पर 2014 कीव में क्रेमलिन समर्थक राष्ट्रपति को सत्ता से बाहर करने का आरोप लगाया।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

%d bloggers like this: