सिडनी मेटा चाहती है कि लोग रोजमर्रा के कामों के लिए उसके कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एजेंट का इस्तेमाल करें। कंपनी का नया ‘म्यूज’ एजेंट उपयोगकर्ताओं की ओर से विमान टिकट बुक करने सामान मंगाने ग्राहक सेवा से संपर्क करने ईमेल भेजने अपॉइंटमेंट लेने और यात्रा की योजना बनाने जैसे काम कर सकता है।कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने पिछले सप्ताह एक सम्मेलन में म्यूज का प्रदर्शन किया था। मेटा इसे ऐसे एआई एजेंट के रूप में पेश कर रही है जिसे इस्तेमाल करने के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत नहीं है।
एआई एजेंट ऐसे सिस्टम हैं जो बड़े भाषा मॉडल और रीइन्फोर्समेंट लर्निंग का इस्तेमाल कर उपयोगकर्ता की ओर से तय लक्ष्यों को पूरा करते हैं। पिछले एक साल में ये शुरुआती प्रयोगों से आगे बढ़कर व्यक्तिगत सहायक ऐप के रूप में सामने आए हैं। हालांकि कुछ एआई एजेंटों के अनपेक्षित तरीके से काम करने और सुरक्षा में सेंध के मामले भी सामने आए हैं।
मेटा ने 2025 में स्केल एआई के उद्यमी एलेक्जेंडर वांग को अपने साथ लाने के लिए 14.3 अरब डॉलर खर्च किए और अपनी आंतरिक एआई प्रणालियों में बड़े बदलाव किए। कंपनी ने उस वर्ष एआई और अन्य पूंजीगत खर्चों पर कुल 72 अरब डॉलर खर्च किए और 2026 में इसे दोगुना करने का अनुमान जताया है।
एक रैंकिंग के अनुसार मेटा का नवीनतम एआई मॉडल ‘म्यूज स्पार्क 1.2’ एंथ्रोपिक और ओपनएआई के प्रमुख क्लॉड तथा जीपीटी मॉडलों के बाद तीसरे स्थान पर है।
मेटा के लिए सबसे शक्तिशाली मॉडल बनाना ही मुख्य लक्ष्य नहीं है। जून तिमाही में फेसबुक इंस्टाग्राम मैसेंजर या व्हाट्सऐप का रोजाना इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 3.6 अरब थी। कंपनी म्यूज को ‘‘सभी के लिए बनाया गया’’ उत्पाद बता रही है।
जुकरबर्ग के अनुसार उपयोगकर्ता जल्द ही अपने म्यूज एजेंट के लिए मानवीय रूप वाला अवतार बना सकेंगे और उससे वास्तविक समय में वीडियो बातचीत भी कर सकेंगे। कंपनी ने एजेंट से फोन के बिना बातचीत के लिए चाबी के गुच्छे के आकार का एक उपकरण भी पेश किया है।
मेटा का कारोबारी मॉडल लंबे समय से उपयोगकर्ताओं की आदतों पर आधारित रहा है। नोटिफिकेशन और लगातार अपडेट होती फीड ने फेसबुक और इंस्टाग्राम को बार-बार देखने की आदत को बढ़ावा दिया। म्यूज इसी तरह की एक नई आदत विकसित करने की कोशिश हो सकता है जिसमें उपयोगकर्ता कोई काम सीधे एजेंट को सौंपें।
उपयोगकर्ता अपने एजेंट को नाम दे सकते हैं और उसके रूप तथा संवाद करने के तरीके का चुनाव कर सकते हैं। इसकी सेटिंग में यह भी तय किया जा सकता है कि किसी काम को करने से पहले एजेंट को कितनी बार अनुमति लेनी होगी।
फिलहाल म्यूज केवल अमेरिका में उपलब्ध है। इसके ‘कनेक्टर’ ईमेल कैलेंडर तथा रेस्तरां बुकिंग संगीत और खरीदारी जैसी सेवाओं से एजेंट को जोड़ सकते हैं। हालांकि यह उपयोगकर्ता के बैंक
चिकित्सा या कर संबंधी खातों में लॉग इन नहीं कर सकता। मेटा की योजना समय के साथ और कनेक्टर जोड़ने तथा इसे दूसरे देशों में उपलब्ध कराने की है।
मेटा का कहना है कि म्यूज में निजता को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। प्रत्येक एजेंट एक अलग वर्चुअल मशीन पर चलता है जिसमें एजेंट और उपयोगकर्ता का डेटा रखा जाता है। जुकरबर्ग ने एक ऐसी वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था की भी बात कही है जिसके तहत मेटा भी उपयोगकर्ता के एजेंट में मौजूद सामग्री तक पहुंच नहीं बना सकेगी।
हालांकि कंपनी के पिछले निजता रिकॉर्ड को देखते हुए इस दावे पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। 2018 में कैम्ब्रिज एनालिटिका मामले में सामने आया था कि एक परामर्श कंपनी ने राजनीतिक प्रोफाइलिंग के लिए 8.7 करोड़ तक फेसबुक उपयोगकर्ताओं का डेटा हासिल किया था। 2019 में अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग ने निजता से जुड़ी खामियों के मामले में मेटा पर पांच अरब डॉलर का जुर्माना लगाया था।
म्यूज को लेकर कुछ शुरुआती चिंताएं भी सामने आई हैं। जो उपयोगकर्ता नहीं चाहते कि उनकी बातचीत का इस्तेमाल मेटा के एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने में हो उन्हें डेटा सेटिंग में जाकर इसे स्वयं बंद करना पड़ता है। एक पत्रकार ने दावा किया कि म्यूज ने उसके मैक कंप्यूटर में मौजूद निजी संदेश पढ़े।
फिलहाल एआई एजेंटों के डिजाइन और संचालन को लेकर नियम-कानून सीमित हैं। इनके व्यापक इस्तेमाल से पहले नियम बनाए जाने की गुंजाइश है लेकिन यदि बड़ी संख्या में लोग किसी एक कंपनी के एआई एजेंट पर रोजमर्रा के कामों के लिए निर्भर हो जाते हैं तो उसके काम करने के तरीके और उपयोगकर्ता डेटा के प्रबंधन को नियंत्रित करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common