वाम दलों की घटती चुनावी ताकत चिंता का विषय, लेकिन उनके फिर खड़े होने की उम्मीद: भाकपा नेता राजा

नयी दिल्ली,  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने कहा कि वाम दलों की चुनावी ताकत में गिरावट चिंता का विषय है। हालांकि  उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वाम दल फिर से खड़े होंगे और एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरेंगे।

             राजा ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि उनकी पार्टी जल्द ही इस सिलसिले में फैसले लेगी कि तमिलनाडु में किसे समर्थन देना है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सरकार बनाना न केवल राज्य के लिए  बल्कि पूरे देश के लिए चुनौतियां खड़ी करेगा।

             राजा ने कहा  “विडंबना यह है कि भाजपा बंगाल में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। इससे न केवल बंगाल  बल्कि पूरे देश के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। हमें यह देखना है कि वाम दल इन चुनौतियों का सामना कैसे करेंगे।”

             उन्होंने कहा  “हम चर्चा कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि वाम दल फिर से खड़े होकर देश और बंगाल में एक मजबूत सियासी ताकत के रूप में उभरेंगे। वाम दल बंगाल के साथ-साथ देश की राजनीतिक दिशा को भी नया रूप देने वाली शक्ति के रूप में सामने आएंगे। हम इसी की उम्मीद कर रहे हैं।”

             भाकपा महासचिव ने कहा कि वाम दलों को “कड़ी मेहनत” करनी होगी  लोगों तक पहुंच बनानी पड़ेगी और “संगठन” को मजबूत करने के लिए कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में किसी दल के लिए राज्य विधानसभाओं और संसद में उचित मौजूदगी जरूरी है।

             राजा ने कहा  “हमने केरल में भी सत्ता गंवा दी और अब वाम दल किसी भी राज्य में सरकार का हिस्सा नहीं हैं। यह हमारी पार्टी भाकपा और पूरे वाम खेमे के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। हम चर्चा कर रहे हैं और आने वाले दिनों में भविष्य के लिए अपनी रणनीति और कार्यनीति तैयार करेंगे।”

             तमिलनाडु के बारे में पूछे जाने पर राजा ने कहा  “हमने यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। वाम दल-भाकपा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) तथा तमिलनाडु की क्षेत्रीय पार्टी वीसीके-सभी मानते हैं कि जनादेश टीवीके के पक्ष में है।”

             उन्होंने कहा  “राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित करना चाहिए और उस सरकार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने की अनुमति दी जानी चाहिए  न कि राज्यपाल आवास के हॉल या गलियारों में।”

             तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता-नेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) 108 सीट पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। राज्य में पांच सीट जीतने वाली कांग्रेस ने भी टीवीके को समर्थन की घोषणा की है।

             हालांकि  राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने टीवीके को अभी तक सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया है  क्योंकि पार्टी के पास इसके लिए जरूरी पर्याप्त संख्या बल (118 सदस्यों का समर्थन) नहीं है। 

             यह पूछे जाने पर कि क्या तमिलनाडु में दो सीट जीतने वाली भाकपा सरकार गठन में टीवीके का सहयोग करेगी  राजा ने कहा  “हम इसी विषय पर चर्चा कर रहे हैं। इस सिलसिले में औपचारिक रूप से फैसला लिया जाएगा। हमने बैठक बुलाई है।”

             उन्होंने बताया  “आज तमिलनाडु में हमारी पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। वे इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। हम किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। हम एक स्थिर सरकार चाहते हैं  जो राज्य के हित में काम करे  सांप्रदायिक दक्षिणपंथी ताकतों को दूर रखे और धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखे।”

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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