वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह के अनंतिम आंकड़े बताते हैं कि शुद्ध संग्रह रुपये पर है। रुपये की तुलना में 16.61 लाख करोड़। पिछले वित्तीय वर्ष यानी वित्त वर्ष 2021-22 में 14.12 लाख करोड़, 17.63% की वृद्धि का प्रतिनिधित्व करते हैं।
वित्त वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट में प्रत्यक्ष कर राजस्व के लिए बजट अनुमान (बीई) 14.20 लाख करोड़ रुपये तय किए गए थे जिन्हें संशोधित किया गया था और संशोधित अनुमान (आरई) 16.50 लाख करोड़ रुपये तय किए गए थे। अनंतिम प्रत्यक्ष कर संग्रह (रिफंड का शुद्ध) बीई से 16.97 प्रतिशत और संशोधित अनुमान से 0.69 प्रतिशत अधिक है।
वित्त वर्ष 2022-23 के लिए प्रत्यक्ष करों का सकल संग्रह (अनंतिम) (रिफंड के लिए समायोजन से पहले) रुपये है। वित्त वर्ष 2021-22 में 16.36 लाख करोड़ रुपये के सकल संग्रह पर 20.33% की वृद्धि दिखाते हुए 19.68 लाख करोड़।
वित्त वर्ष 2022-23 में सकल कॉर्पोरेट कर संग्रह (अनंतिम) 10,04,118 करोड़ रुपये है और इसने पिछले वर्ष के 8,58,849 करोड़ रुपये के सकल कॉर्पोरेट कर संग्रह की तुलना में 16.91 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई है।
वित्त वर्ष 2022-23 में सकल व्यक्तिगत आयकर संग्रह (एसटीटी सहित) (अनंतिम) 9,60,764 करोड़ रुपये है और इसने 7 रुपये के सकल व्यक्तिगत आयकर संग्रह (एसटीटी सहित) पर 24.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2022-23 में 3,07,352 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए हैं, जो वित्त वर्ष 2021-22 में जारी किए गए 2,23,658 करोड़ रुपये के रिफंड से 37.42 प्रतिशत अधिक है।
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