बीजिंग, चीन ने मंगलवार को कहा कि वह विदेशी छात्रों की वापसी के लिए ‘‘समन्वित’’ व्यवस्था करने पर विचार कर रहा है लेकिन वह 23,000 से अधिक भारतीयों समेत अन्य विदेशी छात्रों की वापसी के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बता सकता।
बीजिंग के कोविड-19 वीजा प्रतिबंधों के कारण ये छात्र पिछले दो वर्षों से अपने-अपने देशों में फंसे हुए हैं।
मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में यह पूछे जाने पर कि चीन फंसे हुए भारतीय छात्रों को कब वीजा देगा, इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि उनका मंत्रालय एक साल से अधिक समय से कह रहा है कि चीन कोविड-19 के सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार छात्रों की व्यवस्थित रूप से वापसी चाहता है।
झाओ ने कहा, ‘‘मैं आपको बता सकता हूं कि चीन की सरकार विदेशी छात्रों की चीन को उनकी पढ़ाई के लिए वापसी के मुद्दे को काफी अहमियत देती है। हम विदेशी छात्रों की उनकी पढ़ाई के लिए चीन में वापसी के वास्ते समन्वित तरीके से व्यवस्था कर रहे हैं।’’
चीन ने गत सप्ताह यहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की यात्रा के दौरान उनसे लगभग 28,000 पाकिस्तानी छात्रों की वापसी की ‘‘व्यवस्था’’ करने का वादा किया था। ऐसा बताया जा रहा है कि चीन ने मंगोलिया और सिंगापुर के नेताओं से भी ऐसे ही वादे किए हैं।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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