नयी दिल्ली वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अगले सप्ताह तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आएंगे जिसका उद्देश्य बढ़ती भू-राजनीतिक उथल-पुथल और व्यापारिक बाधाओं के मद्देनजर रक्षा व्यापार तथा महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है।
वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव लाम 5 से 7 मई तक भारत की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस महीने राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह भारत की उनकी पहली राजकीय यात्रा होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति लाम के बीच व्यापक वार्ता होगी जिसमें व्यापार रक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समग्र दिशा को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि 6 मई को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में अतिथि नेता का रस्मी स्वागत किया जाएगा। इसने कहा ‘‘प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति तो लाम के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे।’’दोनों नेता पश्चिम एशिया और दक्षिण चीन सागर की मौजूदा स्थिति पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं जहां चीन की सैन्य आक्रामकता लगातार बढ़ रही है।
हाइड्रोकार्बन के विशाल स्रोत और दक्षिण चीन सागर के पूरे क्षेत्र पर चीन के संप्रभुता के व्यापक दावों को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। वियतनाम फिलीपीन और ब्रुनेई जैसे क्षेत्र के कई अन्य देश भी दक्षिण चीन सागर के संबंध में अपना दावा करते हैं।भारत और कई अन्य लोकतांत्रिक देश विवादों के शांतिपूर्ण समाधान तथा अंतरराष्ट्रीय कानून विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के पालन के लिए दबाव डालते रहे हैं। इन वार्ताओं में दोनों पक्ष रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों का पता लगाने के लिए तैयार हैं खासकर समुद्री क्षेत्र में।
पिछले वर्ष दोनों पक्षों ने पनडुब्बी खोज बचाव और सहायता तंत्र के लिए एक ढांचा तैयार करने हेतु एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करने के लिए आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ही अन्य भारतीय गणमान्य व्यक्तियों के भी मुलाकात करने की उम्मीद है।
वियतनामी नेता बोधगया और मुंबई भी जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा ‘‘राष्ट्रपति तो लाम की यात्रा ऐसे विशेष अवसर पर हो रही है जब दोनों देश व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक संबंधों को उन्नत करने की 10वीं वर्षगांठ मना रहे हैं जिस पर 2016 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान सहमति बनी थी।’’
इसने कहा ‘‘नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात से मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को नयी गति मिलने और भारत-वियतनाम के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common