मुंबई, महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को हटाये जाने की बढ़ती मांग के बीच विपक्षी दल शिवसेना (उबाठा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मुगल बादशाह को छत्रपति शिवाजी महाराज से अधिक महत्व देने का आरोप लगाया है। शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) ने बुधवार को कहा कि केंद्र को राज्य में दंगों को रोकने के लिए छत्रपति संभाजीनगर में स्थित औरंगजेब के मकबरे का संरक्षित स्मारक का दर्जा हटा देना चाहिए।
शिवसेना (उबाठा) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा कि छावा फिल्म के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद और भाजपा के नव-हिंदुत्ववादी औरंगजेब की कब्र को लेकर माहौल खराब कर रहे हैं।
विक्की कौशल अभिनीत फिल्म छावा मराठा साम्राज्य के दूसरे छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है जिनकी औरंगजेब ने हत्या करा दी थी। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने आरोप लगाया ‘‘अब यह स्पष्ट हो गया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस शिवाजी महाराज की तुलना में औरंगजेब को अधिक महत्व देते हैं क्योंकि शिवाजी की नीति सभी को साथ लेकर चलने की थी। लेकिन यह नीति भाजपा को पहले भी स्वीकार्य नहीं थी और अब भी नहीं है। ’’
संपादकीय में कहा गया है कि जहां राज्य सरकार के मंत्री अपने बयानों के जरिये नफरत फैलाने में लगे हैं वहीं मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस चुप हैं। शिवसेना (उबाठा) ने कहा ‘‘औरंगजेब की कब्र को लेकर हंगामा करने की कोई जरूरत नहीं है। वह (औरंगजेब) अपनी कब्र में है और वह इससे बाहर नहीं आने वाला है।’’
इसमें कहा गया है कि राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर (जिसे पहले औरंगाबाद के नाम से जाना जाता था) में औरंगजेब के मकबरे को सुरक्षा दे रहा है क्योंकि यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा एक संरक्षित स्मारक है।
इसमें कहा गया है ‘‘ केंद्र सरकार को मकबरे को दिया गया संरक्षण और संरक्षित स्मारक स्थल का दर्जा वापस ले लेना चाहिए ताकि वह जमीन मुक्त हो जाए और तनाव बढ़ने की कोई गुंजाइश न रहे।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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