संसद द्वारा अनुमोदित तटीय जलीय कृषि विधेयक, समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा

तटीय जलकृषि प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2023 भारतीय संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया है। सरकार का उद्देश्य तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) दिशानिर्देशों के तहत एक अनुमेय गतिविधि के रूप में तटीय जलीय कृषि की मान्यता को सुदृढ़ करना है। यह संशोधन अनगिनत छोटे जलीय कृषि किसानों को विभिन्न एजेंसियों से सीआरजेड मंजूरी प्राप्त करने से छूट देकर सशक्त बनाता है। इसके अतिरिक्त, विधेयक नागरिक उल्लंघनों को अपराधमुक्त करने के सिद्धांत के अनुरूप कारावास को जुर्माने से बदल देता है। संशोधन के दायरे में पर्यावरणीय अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सभी तटीय जलीय कृषि गतिविधियों का व्यापक कवरेज शामिल है। संशोधित अधिनियम तटीय क्षेत्रों के भीतर पिंजरे और समुद्री शैवाल संस्कृति जैसी पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं की सुविधा प्रदान करता है। सरकार का इरादा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देना है।

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