भोपाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कहा कि भारत कई धर्मों का घर है और सनातन धर्म किसी को दूसरे धर्मों को दूर रखना नहीं सिखाता। कमलनाथ का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) पर सनातन धर्म को “नष्ट” करने का प्रयास करने का आरोप लगाने के एक दिन बाद आया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी के विरोधी दलों का नवगठित मोर्चा, भारत के साथ-साथ हजारों वर्षों की इसकी समृद्ध संस्कृति को भी मिटाना चाहता है।
प्रदेश के अशोकनगर शहर में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “हम सभी ने सनातन धर्म को स्वीकार किया है। इसके बारे में किसी को बताने की जरूरत नहीं है। किसी को यह समझाने का कोई मतलब नहीं है कि हमारा देश सनातन धर्म का देश है क्योंकि यहां अन्य धर्म भी हैं। सनातन धर्म कभी किसी को दूसरे धर्मों को दूर रखना नहीं सिखाता।” तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में उस समय विवाद खड़ा कर दिया जब उन्होंने सनातन धर्म की तुलना मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से की और इसके “उन्मूलन” का आह्वान किया था।
स्टालिन की पार्टी द्रमुक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का प्रमुख घटक है । आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस द्वारा टिकटों के वितरण के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा, “पार्टी का टिकट केवल कांग्रेस की राज्य इकाई और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा किए गए सर्वेक्षणों के आधार पर दिए जाएंगे।” मार्च 2020 में कांग्रेस छोड़ कर केंद्रीय मंत्री बनाए जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में पूछे जाने पर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “सिंधिया जी अब भाजपा में हैं। उन्होंने अपनी किस्मत का फैसला कर लिया है और अब भाजपा उनका भविष्य तय करेगी।” “रेवड़ी” संस्कृति पर उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच महीनों से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की “झूठी घोषणाएं करने की मशीन दोगुनी गति से चल रही है”। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उन्हें 18 साल बाद कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं समेत अन्य लोगों की याद आने लगी। आज मप्र पर 3.30 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्होंने इस ऋण का क्या किया है । यह सवाल पूछा जाना चाहिए।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार ने ‘कमीशन’ के बदले ‘एडवांस’ में बड़े-बड़े ठेके दिये हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ”मुख्यमंत्री चौहान पिछले 18 वर्षों के अपने पापों को धोने के लिए पिछले चार-पांच महीनों में यह सब कर रहे हैं।” उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि यह सरकार भ्रष्ट है, घोटालों और लूट में लिप्त है। लोग इसे अच्छी तरह से जानते हैं और वे इससे खुश नहीं हैं।” उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘राज्य में स्थिति ऐसी है कि अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, बिजली के खंभों पर केबल नहीं हैं और जहां केबल हैं, वहां बिजली नहीं है…लोग इससे पूरी तरह वाकिफ हैं।” इस दौरान कमलनाथ के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी मौजूद थे।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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