तिरुवनंतपुरम, केरल के पर्यटन मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास ने मंगलवार को कहा कि राज्य अपने 14 जिलों में से नौ में फैले 580 किलोमीटर लंबे समुद्री तट की पर्यटन क्षमता का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पापनासम समुद्री तट पर जिले के पहले तैरते हुए पुल का उद्घाटन करते हुए रियास ने कहा कि इस तरह के आकर्षण तटीय जिलों में पर्यटकों की संख्या बढ़ाएंगे। इस पुल के साथ राज्य में तैरते हुए पुलों की संख्या सात हो गई है।
उन्होंने कहा, ”केरल में समुद्री तट पर्यटन की बहुत बड़ी संभावना है और इसका प्रभावी ढंग से दोहन किया जाएगा। केरल के समुद्री तट जल खेलों (वाटर स्पोर्ट्स) के लिए आदर्श है। लेकिन अभी कुछ ही परियोजनाएं हैं। अगर प्रभावी ढंग से इसका उपयोग किया जाता है तो यह राज्य के राजस्व में काफी योगदान देगा।”
मंत्री ने कहा कि पिछले महीने राज्य की राजधानी में आयोजित पहली पर्यटन निवेशक बैठक में कई निवेशक आगे आए थे और उन्होंने समुद्री तट पर्यटन में निवेश करने में रुचि जाहिर की थी।उन्होंने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत ज्यादा से ज्यादा समुद्री तट पर्यटन परियोजनाओं को लागू करने का मन बनाया है। रियास ने एक विज्ञप्ति में कहा, ”वर्कला को राज्य के एक प्रमुख मनोरंजन व तीर्थयात्रा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसे 2024 में लागू किया जाएगा। वर्कला में तैरते हुए पुल जैसी नयी परियोजनाएं अधिक पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। वर्कला में फिलहाल कई जल खेल गतिविधियां मौजूद हैं।” इस तैरते हुए पुल को राज्य के पर्यटन विभाग ने जिला पर्यटन संवर्धन परिषद, केरल एडवेंचर टूरिज्म प्रमोशन सोसाइटी और वर्कला नगर पालिका के सहयोग से तैयार किया है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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