सर्जरी का सीधा प्रसारण केवल शैक्षणिक उद्देश्यों से हो न कि व्यावसायिक हित साधने के लिए: एनएमसी

नयी दिल्ली, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने निर्देश दिया है कि सर्जरी का सीधा प्रसारण ऑपरेशन करने वाले सर्जन  अस्पताल या उत्पाद ब्रांड के प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए और ऐसा करने से पहले मरीज की सहमति अवश्य ली जानी चाहिए।

            एनएमसी ने सर्जरी के सीधे प्रसारण को विनियमित करने के लिए इस सप्ताह विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये। इसके मुताबिक शल्य चिकित्सकों को ऑपरेशन के दौरान उपयोग किए जाने वाले उपकरणों से वित्तीय या व्यावसायिक हित नहीं साधना चाहिए।

            दिशानिर्देशों के मुताबिक  ‘‘सीधे प्रसारण का उद्देश्य केवल शैक्षिक होना चाहिए  न कि व्यावसायिक लाभ या प्रचार के लिए। शल्य चिकित्सकों को महिमामंडन से बचना चाहिए  तथा उनका ध्यान शल्य चिकित्सा तकनीकों और रोगी देखभाल पर होना चाहिए।’’

             इसमें रेखांकित किया गया कि सीधे प्रसारण से जुड़ी जटिलताओं और जोखिमों को कड़े नियमों और बीमा कवरेज के माध्यम से दूर किया जाना चाहिए।           एनएमसी ने कहा कि हालांकि सर्जरी का सीधा प्रसारण शिक्षाप्रद हो सकता है  लेकिन यह संवादात्मक या व्यावहारिक प्रशिक्षण के समान गहन शिक्षा प्रदान नहीं कर सकती है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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