सियांग जलविद्युत परियोजना का उद्देश्य जल संग्रहण व बाढ़ के जोखिम को कम करना है: मीन

ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने सोमवार को कहा कि 11 200 मेगावाट क्षमता वाली प्रस्तावित ‘सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना’ (एसयूएमपी) का मुख्य उद्देश्य सियांग नदी बेसिन में जल संग्रहण तथा बाढ़ के जोखिम को कम करना है।

ऊर्जा और जलविद्युत विभाग का दायित्व भी संभाल रहे मीन ने कहा कि नदी के ऊपरी क्षेत्र में चीन की प्रस्तावित विशाल बांध परियोजना को लेकर जताई जा रही चिंताओं के मद्देनजर एसयूएमपी महत्वपूर्ण है। मीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रस्तावित एसयूएमपी और चीन की कथित 60 000 मेगावाट क्षमता वाली मेडोग परियोजना की तुलना केवल उनकी बिजली उत्पादन क्षमता के आधार पर नहीं की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा ‘‘चीन का मेडोग बांध मुख्य रूप से जलविद्युत उत्पादन के लिए बनाया जा रहा है। इसकी अनुमानित ऊंचाई करीब 2 000 मीटर और जल संग्रहण क्षमता 5.5 अरब घन मीटर है। इसके विपरीत प्रस्तावित एसयूएमपी बांध की ऊंचाई करीब 280 से 300 मीटर और जल संग्रहण क्षमता करीब 9.2 अरब घन मीटर है। यह परियोजना बिजली उत्पादन के साथ-साथ मुख्य रूप से जल संग्रहण नियंत्रण और प्रबंधन के लिए है।’’

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के व्यापक उद्देश्यों को देखते हुए यह अंतर महत्वपूर्ण है और खासकर ऊपरी क्षेत्र से अचानक पानी छोड़े जाने या अत्यधिक जल प्रवाह की आशंका के मद्देनजर यह अहमियत रखता है। उन्होंने कहा ‘‘ऊपरी प्रवाह से अचानक पानी छोड़े जाने या अत्यधिक जल प्रवाह की स्थिति में यह जल भंडारण निचले इलाकों में पानी के बहाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इससे अरुणाचल प्रदेश और असम के निचले सियांग बेसिन क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे को कम किया जा सकेगा।’’

मीन ने इस बात पर बल दिया कि प्रस्तावित परियोजना में बिजली उत्पादन की तुलना में जल संग्रहण और जल प्रवाह के नियंत्रण को अधिक प्राथमिकता दी गई है। एसयूएमपी परियोजना को अरुणाचल प्रदेश के सियांग क्षेत्र के स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारी सियांग नदी पर प्रस्तावित इस परियोजना से संबंधित पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) तैयार करने के लिए चल रही गतिविधियों और सर्वेक्षण कार्य को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों को भी वापस बुलाने की मांग की है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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