नयी दिल्ली, सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बिजली क्षेत्र के उपभोक्ताओं को कोयला आपूर्ति 11.01 प्रतिशत बढ़कर 14.82 करोड़ टन हो गई जो एक साल पहले इसी अवधि में 13.35 करोड़ टन थी। सीआईएल ने बयान में कहा कि त्योहारों के मौसम से पहले कोयले की आपूर्ति मजबूत हुई है। इस दौरान आमतौर पर बिजली की मांग बढ़ जाती है। इससे ताप बिजली संयंत्रों में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की संभावना है।
सीआईएल ने कहा कि अधिक आपूर्ति के कारण चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों में उसने करीब 6.3 करोड़ टन कोयले का भंडार कम किया। खदानों के मुहाने पर फिलहाल करीब 6.7 करोड़ टन कोयला उपलब्ध है जिससे आने वाले महीनों में बिजली क्षेत्र की जरूरतें पूरी करने के लिए उसके पास पर्याप्त भंडार है।
घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली सीआईएल ने सितंबर में अपनी कुल आपूर्ति भी 12.50 प्रतिशत बढ़ाकर 6.12 करोड़ टन कर दी जबकि पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में उसने 5.44 करोड़ टन कोयले की आपूर्ति की थी।
सितंबर में बिजली क्षेत्र को कुल आपूर्ति 10.63 प्रतिशत बढ़कर 4.89 करोड़ टन हो गई जबकि पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में यह 4.42 करोड़ टन थी। सीआईएल ने कहा कि गैर-विनियमित क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति में भी मजबूत वृद्धि हुई और यह 19.41 प्रतिशत बढ़ी।
कोयला क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी का सितंबर में कोयला उत्पादन भी 9.18 प्रतिशत बढ़कर 5.35 करोड़ टन हो गया जबकि सितंबर 2025 में यह 4.9 करोड़ टन था।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में कंपनी का कोयला उत्पादन भी 3.81 प्रतिशत बढ़कर 15.13 करोड़ टन से अधिक हो गया जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में यह 14.58 करोड़ टन था। सीआईएल ने कहा कि सितंबर और वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में लगातार बनी परिचालन गति के साथ वह अपने निर्धारित कोयला उत्पादन और आपूर्ति लक्ष्यों को पूरा करने तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा में लगातार योगदान देने के लिए अच्छी स्थिति में है।
मानसून के खत्म होने के साथ कोयले के उत्पादन में और तेजी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही आपूर्ति भी बढ़ने की संभावना है।
चालू वित्त वर्ष के लिए सीआईएल को 81.5 करोड़ टन कोयला उत्पादन और 85 करोड़ टन आपूर्ति का लक्ष्य दिया गया है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने सोमवार को कहा था कि ताप बिजली की मांग बढ़ने मानसून से जुड़े खनन कार्यों में व्यवधान और जलविद्युत उत्पादन में कमी के बावजूद देश में कोयले की कोई कमी नहीं है।
रेड्डी ने बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी की खबरों के बारे में पूछे जाने पर कहा ‘‘कोयले की कोई कमी नहीं है। हम रेलगाड़ियों और सड़क के जरिये आपूर्ति कर रहे हैं।’’
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