सेबी बोर्ड ने एफपीआई निपटान नियमों को दी मंजूरी, हितों के टकराव पर सिफारिशें स्वीकार कीं

मुंबई, बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के निदेशक मंडल ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए धनराशि निपटान के नियमों को सरल बनाना और बाजार मध्यस्थों के लिए नियामक ढांचे में बदलाव शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त निदेशक मंडल (बोर्ड) ने सेबी अधिकारियों से संबंधित हितों के टकराव और संपत्तियों का खुलासे करने पर बनी उच्च स्तरीय समिति की कई सिफारिशों को मंजूरी दे दी है।

इस समिति की अध्यक्षता पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त प्रत्युष सिन्हा ने की थी।

समिति का गठन सेबी अधिकारियों द्वारा संपत्ति निवेश देनदारियों और अन्य संबंधित मामलों के खुलासे से जुड़े मौजूदा प्रावधानों की व्यापक समीक्षा के लिए किया गया था।

बोर्ड ने रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) और वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) से संबंधित कारोबार सुगमता के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी है। इसके तहत एआईएफ को किसी योजना को बंद करने की प्रक्रिया में ढील देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

साथ ही बोर्ड ने बाजार मध्यस्थों के लिए योग्य और उचित इकाई’ होने के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसमें आर्थिक अपराध के मामलों में केवल प्राथमिकी या आरोप पत्र दाखिल होने मात्र से किसी व्यक्ति को काम करने से रोकने या अयोग्य ठहराने के नियम को हटाने का प्रावधान शामिल है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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