हांगकांग प्रदर्शनकारियों को शरण देने के चीन के आरोपों को कनाडा ने खारिज किया

हाल ही में चीन ने कनाडा को लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को राजनीतिक शरण नहीं देने की चेतावनी दी है उन्हें हिंसक अपराधियों का लेबल दिया है और कहा है कि इस कार्रवाई से चीन के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप होगा। इस संबंध में कनाडा में चीन के राजदूत कांग पाइवु ने कहा कि कनाडा को हांगकांग में स्थिरता और समृद्धि की परवाह करनी चाहिए और हांगकांग में उन तीन लाख कनाडाई पासपोर्टधारकों के अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की परवाह करनी चाहिए।

कनाडा के विदेश मंत्री फ्रेकोइस फिलिप शैम्पेन ने कांग के बयान को पूरी तरह से अस्वीकार्य और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कनाडा के कई समाचार संगठनों द्वारा प्रकाशित एक बयान में कहा कि मैंने ग्लोबल अफेयर्स को यह निर्देश दिया है कि कनाडा ऐसे राजदूतों को बुलाए जो बिना किसी अनिश्चितता के शब्दों में स्पष्ट करे कि कनाडा हमेशा मानव अधिकारों और दुनियाभर में कनाडाई लोगों के लिए काम करता रहेगा। इस सप्ताह की शुरूआत में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बीजिंग की हांगकांग और चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर मुस्लिमों के प्रति कूटनीति के लिए चीन की कटु आलोचना की।

पत्रकारवार्ता के दौरान कांग्रेस ने ट्रूडो की टिप्पणियों को गिनाते हुए कहा कि चीन की तरफ से कोई जबरदस्त कूटनीति नहीं थी यह कहते हुए कि हांगकांग और झिंजियांग मुद्दा मानव अधिकारों के बारे में नहीं है यह चीन का आंतरिक मामला है जिसमें कोई बाहर से हस्तक्षेप नहीं करता है। ज्ञातव्य है कि हांगकांग समर्थक और चीनी सरकार का आपसी विरोध पिछले कई महीनों तक जारी रहा और इसके परिणामस्वरूप हांगकांग में एक नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून बन गया जो गत 30 जून से प्रभावी हो गया। इस कानून का संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सहित पश्चिमी शक्तियों ने कड़ा विरोध किया है और चीन पर आरोप लगाया कि वह हांगकांग की स्वतंत्रता का उल्लंघन कर रहा है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

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