हिंसा के बीच सुकून का एहसास कराता गाजा पट्टी का पहला कैट कैफे

गाजा सिटी, हमास आतंकवादी समूह के कब्जे वाली गाजा पट्टी में खुला पहला ‘कैट कैफे’ दशकों से हिंसा से जूझ रहे वहां के लोगों को सुकून के कुछ पल मुहैया कराने में मदद कर रहा है। करीब 17 साल की नाकाबंदी से असहाय महसूस कर रहे इस क्षेत्र के लोग अपनी परेशानियों से राहत चाहते हैं और ऐसे में बृहस्पतिवार को खुला नया ‘म्याऊ कैफे’ उनके लिए राहत लेकर आया है। यहां काफी पीने के साथ-साथ लोग बिल्लियों के साथ समय बिता सकते हैं। कैफे की संस्थापक 52 वर्षीय नाइमा माबेद ने कहा कि इस क्षेत्र में मनोरंजन के विकल्पों का अभाव है, युवाओं में बेरोजगारी की दर 60 प्रतिशत है और 2007 में हमास के पट्टी पर हिंसक तरीके से कब्जा करने के बाद से इजराइल के साथ अकसर संघर्ष होते रहते हैं, ऐसे में वह गाजा के लोगों को एक ऐसा अनूठा स्थान मुहैया कराना चाहती थीं, जहां वे जीवन के दबावों से दूर जा सकें। इस सुखद स्थल पर लोगों को पेय पदार्थ भी मुहैया कराए जाते हैं और अतिथियों को बिल्लियों के पास जाकर उनके साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। माबेद ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, ‘‘मैंने पूरा जीवन बिल्लियों का पालन-पोषण किया और वे आनंद एवं शांति का स्रोत और दबाव से मुक्त होने का जरिया हैं।’’ उन्होंने बिल्लियों के साथ समय बिताने को ‘‘अवसाद से राहत पाने का जरिया’’ बताया। माबेद के ग्राहकों का भी यही मानना है। कैफे में आए 23 वर्षीय ईमान उमर ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो आप बिल्लियों के साथ दिमागी सुकून महसूस करते हैं। उनके साथ सब खूबसूरत लगता है।’’ उमर ने कैफे में करीब आधा घंटा बिताने के लिए पांच इजराइली शेकेल (1.30 डॉलर) प्रवेश शुल्क दिया। मनोचिकित्सक बहजाद अल अखरास ने कहा कि गाजा जैसे स्थान पर इस प्रकार के स्थल विनाशकारी युद्ध एवं अन्य मुश्किलों से जूझ रहे लोगों के लिए एक उपचार पद्धति की तरह हैं। अल अखरास ने कहा, ‘‘ऐसा कोई भी स्थान जहां मनुष्य जानवरों से संवाद कर सकें, उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’’ माबेद के लिए कैट कैफे के वैश्विक चलन को गाजा में लाना केवल वित्तीय रूप से नहीं, बल्कि कई अन्य कारणों से भी चुनौतीपूर्ण था। आवारा बिल्लियां हर दिन गाजा की सड़कों पर घूमती नजर आती हैं तो ऐसे में उनके साथ समय बिताने के लिए पैसे देने का विचार कुछ लोगों को हास्यास्पद लगा, लेकिन इजराइल-मिस्र की नाकाबंदी के कारण यात्रा प्रतिबंध झेल रहे उन बिल्ली प्रेमियों के लिए सुखद अनुभूति है, जो दुनिया में अन्य जगह लोकप्रिय हो रहे ‘कैट कैफे’ का आनंद नहीं उठा सकते।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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