होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की ईरान की मांग से खतरनाक परिपाटी कायम होगी: मार्को रूबियो

मनीला, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एशियाई नेताओं को चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल वसूलने और उस क्षेत्र पर नियंत्रण करने की ईरान की मांग से दुनिया की अर्थव्यवस्था एवं नौवहन की आजादी के सिद्धांत को खतरा पैदा होगा।

           रूबियो ने फिलीपीन की राजधानी मनीला में दक्षिणपूर्व एशियाई देश संघ (आसियान) के अपने समकक्षों के साथ एक वार्षिक बैठक के आरंभ में यह बात कही।

           इन नेताओं ने पश्चिम एशिया में फिर से भड़के युद्ध को लेकर चिंता जताई है  जिसने उनके क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है।

           रूबियो ने आश्वासन दिया कि पश्चिम एशिया के युद्ध में अमेरिका के उलझे होने के बावजूद ‘‘हम शत प्रतिशत आसियान के साथ हैं।’’

           उन्होंने कहा  ‘‘अगर हम पश्चिम एशिया में ऐसी मिसाल कायम करते हैं जहां कोई देश यह तय कर ले कि वह किसी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को नियंत्रित करेगा  शुल्क वसूलेगा और अगर आप पैसे नहीं देंगे तो वह आपके जहाज उड़ा देगा  तो हम एक बहुत खतरनाक मिसाल कायम करेंगे जो दुनिया के दूसरे हिस्सों में  और इस इलाके में भी  दोहराई जाएगी।’’

           इस हफ़्ते दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका  चीन  रूस और कई अन्य देशों के बड़े राजनयिक मनीला में हैं। रुबियो ने चार देशों–अमेरिका  ऑस्ट्रेलिया  भारत और जापान की ‘क्वाड’ साझेदारी के तहत इन देशों के विदेश मंत्रियों से भी मुलाक़ात की। उन्होंने प्रौद्योगिकी  मानवीय सहायता  आपातकालीन स्थिति में कार्रवाई  और समुद्री एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे साझा मुद्दों पर चर्चा की।

           इन सभी विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर समुद्री सुरक्षा से जुड़ी अपनी उन पहलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई  जिनका मकसद इस इलाके में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करना है। इन नेताओं ने एक बयान में कहा  ‘‘हमारा दृढ़ विश्वास है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता ही इस इलाके की सुरक्षा एवं समृद्धि का आधार है।’’

           रुबियो ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया  ‘‘क्वाड एक प्राथमिकता बना हुआ है और हम इस साल के आखिर में फिर मिलेंगे।’’

           बाद में रुबियो ने अपने भारतीय समकक्ष  विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से मुलाकात की।

           अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता के अनुसार  दोनों विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय मुद्दों और ईरान युद्ध के साथ-साथ भारतीय सामान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को कम करने के लिए अभी तक पूरे नहीं हुए व्यापार समझौते पर भी चर्चा की।

           अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा  ‘‘विदेश मंत्री रूबियो और (भारतीय विदेश) मंत्री जयशंकर इस बात पर सहमत हुए कि अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना जरूरी है और यह समझौता लगभग पूरा हो चुका है।’’

क्रडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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