सरकार ने पिछले नौ वर्षों में 200 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी: आर के सिंह

नयी दिल्ली, सरकार ने पिछले नौ साल में लगभग 200 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी है।…

एनसीबी, नौसेना, गुजरात पुलिस ने मादक पदार्थ की बड़ी खेप जब्त की: गृह मंत्री अमित शाह

नयी दिल्ली,  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी),…

झारखंड सरकार ने 2024-25 के लिए 1.28 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया

रांची, झारखंड सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 1.28 लाख करोड़…

‘विकसित भारत’ के लिए चीजें सही तरीके से आगे बढ़ रही हैं: गोयल

नयी दिल्ली, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि ‘भारत की गाथा’ के आगे बढ़ने और देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने को लेकर सब कुछ ठीक-ठाक आगे बढ़ रहा है।  गोयल ने उद्योग मंडल फिक्की के ‘विकसित भारत @ 2047: विकसित भारत और उद्योग’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार स्वयं आगे बढ़कर काम कर रही है और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उद्योग सहित सभी को योगदान देने की जरूरत है।  उन्होंने कहा, ‘‘देश भर में जो माहौल है, हमारे युवा पुरुषों और महिलाओं में उत्साह है, भविष्य को लेकर जो उत्साह है, यहां तक ​​​​कि भारत के सुदूर क्षेत्रों से भी मुझे जो प्रतिक्रिया मिल रही है, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति के मामले में जो प्रतिक्रिया मिल रही है, उसे देखकर मेरे मन में बिल्कुल भी संदेह नहीं है। ऐसा लगता है कि भारत की गाथा के फलने-फूलने के लिए सब कुछ ठीक-ठाक आगे बढ़ रहा है।’’  उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश के लिए भारत पसंदीदा स्थान बन गया है।  गोयल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने देश के सामने 2047…

मिश्रित सिंथेटिक कपड़ा क्षेत्र में कमजोरी से परिधान निर्यात पर असरः रिपोर्ट

नयी दिल्ली, विकसित देशों में मिश्रित सिंथेटिक्स से बने कपड़ों की मांग बढ़ने के बीच भारतीय परिधान उद्योग के इस मोर्चे पर कमजोर होने से वैश्विक निर्यात में हिस्सेदारी घटी है। एक रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है।  शोध संस्थान ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (जीटीआरआई) ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि कमजोर सिंथेटिक्स के कारण भारत का परिधान उद्योग सही तरह से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।  इसके मुताबिक, सिंथेटिक्स ने कपास को पीछे छोड़ दिया है और अब यह फैशन उद्योग का पसंदीदा बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘विकसित देशों द्वारा खरीदे जाने वाले 70 प्रतिशत कपड़े मिश्रित सिंथेटिक्स से बने होते हैं। लेकिन भारतीय निर्यात में उनकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से कम है और यही भारत के कमजोर परिधान निर्यात का प्रमुख कारण है।’’  जीटीआरआई ने कहा कि अब अधिकांश औपचारिक, खेल एवं फैशन परिधानों में सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग होता है। वे टिकाऊ होते हैं, फीके नहीं पड़ते हैं और ऊन, कपास या रबड़ के साथ उनका आसानी से मिश्रण किया जा सकता है।  विश्वस्तर पर कपास से बने कपड़ों की बिक्री बसंत और गर्मियों के मौसम में अधिक होती है जबकि सिंथेटिक्स और मिश्रण वाले कपड़े शरद ऋतु और सर्दियों के मौसम में अधिक बिकते हैं।  रिपोर्ट कहती है कि सूती परिधान बनाने के लिए भारतीय कारखाने साल में छह महीने चलते हैं। लेकिन उसे पूरे साल की निर्धारित लागत का किराया, न्यूनतम कर्मचारियों के लिए वेतन,…

न्यूजक्लिक संस्थापक की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए बोर्ड गठित करने का एम्स को निर्देश

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का मंगलवार को निर्देश दिया।   पुरकायस्थ फिलहाल गैर-कानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।  न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने एम्स के निदेशक को एक बोर्ड गठित करने तथा दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा।  शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘…इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यह उचित होगा कि एम्स निदेशक की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड (पुरकायस्थ की) चिकित्सा स्थिति की जांच करे। बोर्ड याचिकाकर्ता के जेल रिकॉर्ड और संपूर्ण चिकित्सा इतिहास पर भी विचार करेगा।’’  यह निर्देश उस वक्त आया जब पुरकायस्थ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल की चिकित्सा स्थिति के बारे में जेल अधिकारियों द्वारा दायर रिपोर्ट सही नहीं है।  दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुरकायस्थ और समाचार पोर्टल के मानव संसाधन (एचआर) विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती की गिरफ्तारी एवं पुलिस हिरासत के खिलाफ दायर याचिकाओं को 13 अक्टूबर को खारिज कर दिया था।  दोनों को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।  मामले में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक,…

नागरिक की स्वतंत्रता सर्वोपरि: उच्चतम न्यायालय

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि किसी भी नागरिक की स्वतंत्रता सर्वोपरि है और इससे संबंधित मामले में शीघ्रता से निर्णय नहीं लेने से व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त इस बहुमूल्य अधिकार से वंचित हो जाएगा।  शीर्ष अदालत ने जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण से संबंधित अनुच्छेद 21 को संविधान की “आत्मा” बताते हुए हाल ही में कहा है कि उसके सामने बम्बई उच्च न्यायालय के कई ऐसे मामले आये हैं, जिनमें जमानत या अग्रिम जमानत याचिकाओं पर शीघ्रता से फैसला नहीं किया जा रहा है।  न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने 16 फरवरी के आदेश में कहा, ‘‘हमारे सामने ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें न्यायाधीश गुण-दोष के आधार पर फैसला नहीं कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न आधारों पर मामले को टालने का एक बहाना ढूंढते हैं।’’ पीठ ने कहा, ”इसलिए,…

दिल्ली उच्च न्यायालय ने महरौली में ध्वस्त मस्जिद में शब-ए-बारात की अनुमति देने से इनकार कर दिया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शहर के महरौली इलाके में हाल ही में ध्वस्त की गई 600…

एनजीटी ने डीपीसीसी पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र पर कथित अवैध डेयरी फार्मों के…

दिल्ली मेयर ने सिविक सेंटर में पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक से बने सेल्फी प्वाइंट का उद्घाटन किया

दिल्ली की मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने दिल्ली के सिविक सेंटर में एक सेल्फी पॉइंट का…