राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अमेरिका के मंदिरों में सप्ताहभर विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे

वाशिंगटन, अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में उत्तरी अमेरिका के मंदिरों में सप्ताह भर विशेष समारोह आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इन मंदिरों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।   ‘हिंदू मंदिर एम्पावरमेंट काउंसिल’ (एचएमईसी) की तेजल शाह ने पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘यह हमारा सौभाग्य है तथा हमारे लिए आशीर्वाद है कि हम इस जश्न का हिस्सा बनने जा रहे हैं और हमारे सपनों का मंदिर लंबे इंतजार तथा संघर्ष के बाद आकार ले रहा है। अमेरिका और कनाडा में हर कोई इसके लिए बेहद उत्साहित है। हर कोई राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।’’ ‘एचएमईसी’ अमेरिका में 1,100 से अधिक हिंदू मंदिरों की सर्वोच्च संस्था है। उन्होंने कहा कि उत्तरी अमेरिका के छोटे और बड़े मंदिरों में सप्ताह भर चलने वाले उत्सव 15 जनवरी से शुरू होंगे और इनका समापन अयोध्या से राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के सीधा प्रसारण दिखाने के साथ किया जाएगा। शाह ने कहा कि उत्सव को लेकर लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और उन्हें उम्मीद है कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह देखने के लिए हजारों लोग मंदिरों में पहुंचेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘कार्यक्रम के अंत में हम सभी संकल्प भी लेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व के समय के अनुसार समारोह 21 जनवरी की रात 11 बजे होगा। इसलिए हम सभी भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से शामिल होंगे।’’ क्रेडिट :…

डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस के ‘जेएन.1’ स्वरूप को ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ करार दिया

जेनेवा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस के ‘जेएन.1’ स्वरूप के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ करार दिया है। डब्यूएचओ ने साथ ही कहा कि इससे वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य निकाय ने मंगलवार को कहा कि 2020 के अंत में वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करने वाले स्वरूपों के सामने आने से बाद से डब्ल्यूएचओ ने हल्के स्वरूप को ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ तथा गंभीर स्वरूप को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ के रूप में वर्गीकृत करना शुरू किया है।  हाल में ‘जेएन.1’ स्वरूप के मामले कई देशों में सामने आए हैं और दुनिया में इस स्वरूप के मामले बढ़ रहे हैं। भारत में भी इस स्वरूप का मामला सामने आया है।  डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह अब ‘ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन शेयरिंग ऑल इन्फ्लुएंजा डेटा’ (जीआईएसएआईडी) से जुड़े बीए.2.86 वंशानुक्रम (लीनिएज) से संबंधित है।  इसने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तेजी से इसके मामले बढ़ने के कारण डब्ल्यूएचओ ‘जेएन.1’ को मूल वंश बीए.2.86 से अलग ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ के तौर पर वर्गीकृत कर रहा है।’’भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, ‘जेएन.1’…

अमेरिकी अदालत ने छह जनवरी के विद्रोह मामले में ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया

 वाशिंगटन, अमेरिका के कोलोराडो राज्य के उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि 2021 में अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) पर हुए हमले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका थी और इस कारण वह अगला राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सकते। न्यायालय ने अपने फैसले में यह भी कहा कि राज्य की रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति प्राइमरी चुनाव से ट्रंप का नाम हटाया जाए। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप (77) को अयोग्य ठहराए जाने वाला यह फैसला संविधान के 14वें संशोधन से जुड़ा है जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी संविधान को समर्थन देने, उसका पालन करने तथा उसे अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए शपथ लेने वाले अधिकारी यदि ‘‘विद्रोह में शामिल होते हैं’’ तो उन पर भविष्य में कार्यालय में शामिल होने पर रोक रहेगी।  ट्रंप अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी से नामांकन प्रक्रिया में सबसे आगे हैं। ट्रंप के प्रचार अभियान दल ने कोलोराडो के उच्चतम न्यायालय के ‘त्रुटिपूर्ण’ फैसले को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने का संकल्प जताया है।  कोलोराडो के उच्चतम न्यायालय ने एक जिला अदालत के न्यायाधीश के फैसले को बरकरार रखा कि ट्रंप ने छह जनवरी 2021 को संसद भवन में विद्रोह को हवा दी थी लेकिन उस निष्कर्ष को पलट दिया जिसमें कहा गया था कि कि रोक राष्ट्रपति चुनाव पर लागू नहीं होती।  ‘सीबीएस न्यूज’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह एक ऐतिहासिक निर्णय है जिसमें पहली बार किसी अदालत ने ट्रंप को राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के अयोग्य पाया है। यह निर्णय छह जनवरी 2021 को संसद परिसर पर हमले में ट्रंप की भूमिका को देखते हुए लिया गया है।  राज्य की अदालत ने अपने फैसले के अमल पर चार जनवरी तक रोक लगाई है इसके एक दिन बाद अर्थात पांच जनवरी को कोलोराडो के प्राइमरी चुनाव में उम्मीवारों के नामों की पुष्टि होनी है । सात सदस्यीय कोलोराडो उच्चतम न्यायालय का यह फैसला राज्य के बाहर लागू नहीं होता।  ट्रंप ने छह जनवरी को संसद परिसर पर हुए हमले में कुछ भी गलत करने से इनकार किया है और 14वें संशोधन के तहत किए जाने वाले मुकदमों को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है।  ट्रंप ने कोलोराडो में 14वें संशोधन और देश भर में उनके खिलाफ दर्ज इसी तरह के मुकदमों की आलोचना की है और उन्हें बेबुनियाद तथा गैर लोकतांत्रिक करार दिया है। पूर्व राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी।  अमेरिकी मीडिया की खबरों के मुताबिक, प्रवक्ता स्टीवन शेउंग ने एक बयान में कहा, ‘‘…

रणवीर सिंह ने मैडम तुसाद संग्रहालय में अपने मोम के पुतले का अनावरण किया

लंदन, अभिनेता रणवीर सिंह ने सोमवार को लंदन और सिंगापुर के मैडम तुसाद संग्रहालय में अपने…

सीओपी28- ने दुनिया के छोटे द्वीपों को कैसे विफल कर दिया

बारबाडोस, जैसे ही दुबई में जलवायु वार्ता के नवीनतम दौर की चर्चा हुई, सीओपी28 प्रेसीडेंसी से…

राज्यपाल को हटाने के लिए केंद्र का रुख कर सकती है केरल सरकार : विजयन

कोल्लम (केरल), केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार राज्यपाल आरिफ…

बांग्लादेश ने यूएई को हराकर अंडर-19 एशिया कप जीता

दुबई, विकेटकीपर बल्लेबाज आशिकुर रहमान शिबली के शानदार शतक की बदौलत बांग्लादेश ने रविवार को यहां…

इससे पहले वनडे में विकेट नहीं लेने के कारण दबाव में था: अर्शदीप

जोहानिसबर्ग,दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों के श्रृंखला के शुरुआती मुकाबले में पांच विकेट झटक कर…

यूक्रेन को यूरोपीय संघ का सदस्य बनाए जाने को लेकर चर्चा तेज पर नहीं मिली अर्थिक मदद

ब्रसेल्स, यूरोपीय संघ में यूक्रेन को 50 अरब यूरो (54 अरब अमेरिकी डॉलर) की अर्थिक सहायता…

वेनेजुएला तेल की बाजार में वापसी का स्वागत : पुरी

नयी दिल्ली, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि वेनेजुएला पर लगाए गए…