रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) ने छठी ‘पॉज़िटिव इंडिजनाइज़ेशन लिस्ट’ (PIL) जारी की है। इसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 405 आइटम शामिल हैं, जिनका अनुमानित बिज़नेस पोटेंशियल 3,070 करोड़ रुपये है। इस लिस्ट में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और रॉ मटीरियल शामिल हैं।
इनमें इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) के 16 आइटम और डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (DPSUs) के 389 आइटम शामिल हैं।इन आइटम में कई तरह के डिफेंस प्लेटफॉर्म और सिस्टम शामिल हैं, जैसे कि एयर प्लेटफॉर्म (एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, Su-30MKI, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और AL-31FP इंजन)। आर्मर्ड प्लेटफॉर्म में T-72, T-90 और BMP-II शामिल हैं।
इन आइटम में युद्धपोत, मिसाइल सिस्टम (जैसे कोंकर्स-M, इनवार और MRSAM), डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स (जैसे रडार, सोनार, फायर कंट्रोल सिस्टम और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम), हाई एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण डिफेंस इक्विपमेंट भी शामिल हैं।आइटम की विस्तृत लिस्ट SRIJAN पोर्टल (srijandefence.gov.in) पर भी उपलब्ध है। हर आइटम के स्वदेशीकरण के लिए एक अनुमानित समय-सीमा तय की गई है। सफलतापूर्वक स्वदेशी विकास होने पर, इन आइटम को भारतीय इंडस्ट्री से खरीदा जाएगा।
DPSUs और ICG इंडस्ट्री (खासकर MSMEs) की भागीदारी के साथ, अपनी ‘मेक’ प्रक्रिया और इन-हाउस डेवलपमेंट सहित विभिन्न तरीकों से स्वदेशीकरण का काम करेंगे।यह छठी PIL ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों में एक और कदम है। उम्मीद है कि इससे भारतीय इंडस्ट्री के लिए अवसर बढ़ेंगे, घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम मजबूत होगा, निवेश और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा, और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। DDP ने अगस्त 2020 में ‘SRIJAN डिफेंस पोर्टल’ लॉन्च किया था।
यह एक खास प्लेटफॉर्म है जिसके ज़रिए DPSU और सर्विस हेडक्वार्टर (SHQ), MSME और स्टार्ट-अप समेत इंडस्ट्री को स्वदेशी विकास और प्रोडक्शन के लिए डिफेंस आइटम ऑफ़र करते हैं। लॉन्च के बाद से, इस पोर्टल के ज़रिए DPSU और SHQ ने जून 2026 तक स्वदेशीकरण के लिए 33,000 से ज़्यादा डिफेंस आइटम ऑफ़र किए हैं। इनमें पहली पांच ‘पॉज़िटिव इंडिजनाइज़ेशन लिस्ट’ (स्वदेशीकरण की सकारात्मक सूची) के तहत नोटिफ़ाई किए गए 5,012 आइटम शामिल हैं।15,700 से ज़्यादा डिफेंस आइटम का सफलतापूर्वक स्वदेशीकरण किया गया है, जिससे पिछले पांच सालों में लगभग 9,000 करोड़ रुपये के इंपोर्ट सब्स्टिट्यूशन (आयात के विकल्प) का मूल्य हासिल हुआ है। इसके अलावा, DPSU ने मार्च 2026 तक घरेलू वेंडर को लगभग 10,000 करोड़ रुपये के प्रोक्योरमेंट ऑर्डर (खरीद के ऑर्डर) दिए हैं, जिसमें इन-हाउस प्रोडक्शन भी शामिल है।https://en.wikipedia.org/wiki/Sukhoi_Su-30MKI#/media/File:Darwin_Pitch_ Black_ 2022_ 5WAL8054_(52336923377).jpg