प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स की राजकीय यात्रा के दौरान, भारत और सेशेल्स ने विकास सहायता, बुनियादी ढांचे में सहयोग, संस्थागत साझेदारी और रणनीतिक समझौतों के एक बड़े पैकेज की घोषणा की। इससे रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कनेक्टिविटी, डिजिटल भुगतान, कृषि, समुद्री मामलों, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, शिक्षा और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग का काफी विस्तार हुआ।भारत की विकास सहायता के तहत, भारत सरकार ने सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सेशेल्स सरकार को एक ‘फास्ट पेट्रोल वेसल’ (तेज गति से गश्त करने वाला जहाज) उपहार में दिया।
भारत ने सेशेल्स रक्षा बल को ऑपरेशनल मोबिलिटी (कामकाज में गतिशीलता) और प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए 10 यूटिलिटी वाहन और ‘लेजर रेडियल क्लास’ की पांच नावें भी सौंपीं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में, भारत ने द्वीप-राष्ट्र में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए छह एम्बुलेंस दीं। इसके अलावा, भारत ने खाद्य सहायता के रूप में 500 मीट्रिक टन चावल और सेशेल्स की बुनियादी ढांचे और निर्माण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी उपलब्ध कराया।
इस दौरे के दौरान कई नई पहलों की भी घोषणा की गई। दोनों देशों ने मिलकर भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने और द्विपक्षीय संबंधों के पांच दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में एक यादगार लोगो लॉन्च किया। सेशेल्स में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘प्रोफेशनल एंड टेक्निकल एजुकेशन सेंटर’ के लिए एक वर्चुअल शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया।
भारत ने ‘पीएस ज़ोरोएस्टर’ (PS Zoroaster) के रिफिट (मरम्मत और आधुनिकीकरण) के पूरा होने की भी घोषणा की, जिससे सेशेल्स कोस्ट गार्ड की ऑपरेशनल तैयारी बेहतर होगी। साथ ही, एक डोर्नियर विमान को ‘ग्लास कॉकपिट’ के साथ अपग्रेड करने की घोषणा की गई, जिससे देश की समुद्री निगरानी और विमानन क्षमताएं बेहतर होंगी। सेशेल्स औपचारिक रूप से ‘कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) में भी शामिल हो गया, जो आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत के नेतृत्व वाली एक वैश्विक पहल है।दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों से जुड़े नौ समझौतों और समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस (SSIFS) और सेशेल्स के विदेश मामलों और डायस्पोरा मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन, राजनयिक आदान-प्रदान, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विदेश सेवा अधिकारियों के लिए क्षमता-निर्माण पहलों के माध्यम से संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देगा।
NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और सेंट्रल बैंक ऑफ सेशेल्स के बीच एक समझौता ज्ञापन सेशेल्स में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे को लागू करने में मदद करेगा और साथ ही देश के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को विकसित करने में व्यापक सहयोग की संभावनाएं तलाशेगा। भारत की ‘जन औषधि योजना’ के तहत HLL लाइफकेयर लिमिटेड और सेशेल्स के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच एक समझौते से भारत से सस्ती जेनेरिक दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति का निर्यात संभव हो सकेगा, जिससे सेशेल्स में कम लागत वाले स्वास्थ्य उत्पादों तक पहुंच बेहतर होगी। भारत की इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) और सेशेल्स के मत्स्य पालन, कृषि और ब्लू इकोनॉमी मंत्रालय के कृषि विभाग ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा, संयुक्त वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन और 2026-2031 की कार्य योजना पर हस्ताक्षर किए।
दोनों देशों ने एक प्रत्यर्पण संधि पर भी हस्ताक्षर किए, जो भगोड़ों के प्रत्यर्पण के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करेगी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाएगी। सेशेल्स के परिवहन, बंदरगाह और नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारत के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन भारतीय नाविकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन को मान्यता देने का प्रावधान करता है, जिससे वे सेशेल्स के झंडे वाले जहाजों पर काम कर सकेंगे। सेशेल्स सरकार और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ़ इंडिया के बीच ‘अंब्रेला लाइन ऑफ़ क्रेडिट’ एग्रीमेंट से उन प्रोजेक्ट्स को लागू करने में मदद मिलेगी, जिनकी घोषणा फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान ‘स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज’ (SEP) के तहत की गई थी।
इस फ़ंडिंग का मकसद सेशेल्स में प्राथमिकता वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाना है। दोनों सरकारों ने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष की खोज और उसके इस्तेमाल में सहयोग के लिए एक MoU पर भी हस्ताक्षर किए। इसका मकसद सैटेलाइट एप्लीकेशन, स्पेस टेक्नोलॉजी, वैज्ञानिक रिसर्च और क्षमता निर्माण में सहयोग को बढ़ाना है।सेशेल्स के नए नेशनल हॉस्पिटल की शुरुआती तैयारियों पर एक और MoU, देश के नए नेशनल हॉस्पिटल की प्लानिंग और डेवलपमेंट में आपसी सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार करता है, जिससे हेल्थकेयर सेक्टर में भारत-सेशेल्स सहयोग और मज़बूत होगा।https://x.com/PMOIndia/status/2071249290215993700/photo/1