भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निमंत्रण पर, अंगोला गणराज्य के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लॉरेन्को 1-4 मई, 2025 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। उनके साथ कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, व्यापारिक घराने, मीडिया आदि सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा।
यह राष्ट्रपति लॉरेन्को की भारत की पहली द्विपक्षीय राजकीय यात्रा होगी। अंगोला के राष्ट्रपति की भारत यात्रा 38 वर्षों के बाद हो रही है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अंगोला इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। राष्ट्रपति लॉरेन्को का 3 मई, 2025 को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके अलावा, राष्ट्रपति लॉरेन्को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे, जो उनके सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन भी करेंगे। इस यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
4 मई, 2025 को, राष्ट्रपति लॉरेन्को नई दिल्ली में एक व्यावसायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश और वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ावा देना है।भारत और अंगोला के बीच वर्षों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध बने हुए हैं। द्विपक्षीय संबंधों को जीवंत ऊर्जा साझेदारी द्वारा बल मिलता है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है और 2023-2024 के दौरान 4.192 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है। हमारी विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण सहयोग और रक्षा संबंध भी बढ़ रहे हैं। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर एक-दूसरे की उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं।
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