अंतरिक्ष जाने वाली पहली मूल जातीय अमेरिकी महिला धरती मां की खूबसूरती से चकित

केप केनवरल (अमेरिका), अंतरिक्ष जाने वाली अमेरिका की पहली मूल जातीय महिला ने बुधवार को कहा कि वह अंतरिक्ष से धरती मां की खूबसूरती और सौम्यता को देखकर आह्लादित हैं जिससे ‘‘सकारात्मक ऊर्जा’’ निकल रही है। अंतरिक्ष में उनका पांच महीने का अभियान अभी जारी है।

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) की अंतरिक्ष विज्ञानी निकोल मान ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से कहा कि उन्हें अपने परिवार और जनजातीय समुदाय से ढेर सारी दुआएं और आशीर्वाद मिल रहा है। वह ‘वेलाकी ऑफ द राउंड वैली इंडियन ट्राइब्स इन नॉर्दन कैलिफोर्निया’ की सदस्य हैं। वह 2013 में नासा का हिस्सा बनीं।

मान ने कहा कि सकारात्मक ऊर्जा कितनी महत्वपूर्ण होती है, इसे लेकर वह हमेशा से अपनी मां की सलाह पर अमल करती रहीं हैं, विशेष रूप से प्रक्षेपण के पहले दिन। उन्होंने कहा, ‘‘शायद कुछ लोगों के लिए इसे समझना मुश्किल है क्योंकि इसे केवल महसूस किया जा सकता है। लेकिन यह सकारात्मक ऊर्जा बहुत महत्वपूर्ण है और आप उस ऊर्जा को नियंत्रित कर सकते हैं जो आपके दृष्टिकोण को नियंत्रित करने में मदद करती है।’’

45 वर्षीय मान एक मरीन कर्नल और प्रशिक्षित पायलट हैं। वह कैलिफोर्निया के पेटलुमा में पैदा हुई थीं। उन्होंने कहा कि यह जानना महत्वपूर्ण है कि अंतरिक्ष स्टेशन पर सभी प्रकार के लोग हैं। यह वर्तमान में तीन अमेरिकियों, तीन रूसी और एक जापानी अंतरिक्ष यात्री का घर है।

अंतरिक्ष में 2002 में जाने वाले पहले मूल-जातीय समुदाय के अमेरिकी नागरिक चिकासॉ नेशन के अंतरिक्ष यात्री जॉन हेरिंगटन (अब सेवानिवृत्त) थे।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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