केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि भारत ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में एक वैश्विक लीडर बनकर उभरा है। भारतीय डेवलपर्स ने 23 बड़े अनुबंध हासिल किए हैं, जिनमें प्रति वर्ष 5.5 लाख मीट्रिक टन (MTPA) से अधिक ग्रीन हाइड्रोजन की आपूर्ति के कमिटमेंट्स शामिल हैं।
जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में शुरू किए गए ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ (NGHM) के तहत, भारतीय कंपनियों ने अक्टूबर 2026 तक के लिए दुनिया में सबसे बड़ी मात्रा में ग्रीन हाइड्रोजन ऑफटेक कमिटमेंट्स हासिल किए हैं।
उन्होंने बताया कि कुल अनुबंधित मात्रा का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के लिए तय किया गया है। 5.5 लाख MTPA (मीट्रिक टन प्रति वर्ष) से अधिक ग्रीन हाइड्रोजन के बराबर वाले ये 23 अनुबंध, वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा बाजार में भारत की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाते हैं।
जोशी ने कहा कि इस उपलब्धि से स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 90,000 करोड़ रुपये का निवेश आ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इन घटनाक्रमों से ‘नेट-जीरो’ उत्सर्जन (शून्य उत्सर्जन) की दिशा में भारत की प्रगति तेज होगी और ग्रीन ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।