अमरावती, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और सड़क संपर्क बहाल करने के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ राहत एवं बहाली कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें जमीनी स्थिति और बहाली कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।
नायडू ने बृहस्पतिवार देर रात जारी एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने और सड़कों की मरम्मत के काम में तेजी लाई जाए तथा सभी आवश्यक सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जाएं।’’
मुख्यमंत्री ने बिजली वितरण कंपनियों को जरूरत पड़ने पर अन्य क्षेत्रों और अन्य राज्यों से अतिरिक्त कर्मचारियों को बुलाने तथा निश्चित समयसीमा में मरम्मत कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर प्रभावित घर और गांव में बिजली आपूर्ति बहाल होने तक काम जारी रखा जाए।
मोबाइल नेटवर्क सेवाओं की बहाली में देरी पर चिंता जताते हुए नायडू ने दूरसंचार कंपनियों से जिम्मेदारी के साथ काम करने और बहाली कार्यों में तेजी लाने की अपील की।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 26 और 29 अक्टूबर के बीच हुई बारिश से राज्य में करीब 380 टीएमसी पानी आया, जबकि भूजल स्तर में लगभग 44 टीएमसी की वृद्धि हुई।
‘आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड‘ के तहत प्रभावित 5,400 गांवों में से 4,771 में बिजली बहाल कर दी गई है, जबकि 629 गांवों में यह काम चल रहा है। कृष्णा जिले में प्रभावित 915 गांवों में से 835 में बिजली आपूर्ति बहाल हुई है और 80 गांवों में काम जारी है।
सड़क एवं भवन विभाग के अनुसार, चक्रवात से प्रमुख जिला और राज्य सड़कों के 2,396 किलोमीटर हिस्से को नुकसान पहुंचा है। पश्चिम गोदावरी में सबसे अधिक 552 किलोमीटर सड़क प्रभावित हुई है।
सड़कों पर हुए 62 कटाव में से 22 और तटबंधों में हुए 34 कटावों में से 13 की मरम्मत की जा चुकी है। क्षतिग्रस्त 102 पुलियों और जल निकासी संरचनाओं में से 83 की मरम्मत हुई है। सड़कों पर गिरे सभी 2,264 पेड़ों को हटा दिया गया है।
जिन 133 स्थानों पर यातायात बाधित हो गया था, उनमें से 99 पर आवागमन बहाल कर दिया गया है।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, चक्रवात से 16 जिलों में 3.3 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है। पश्चिम गोदावरी, काकीनाडा और पूर्वी गोदावरी सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। इसके अलावा 15 जिलों में 22,452 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
नायडू ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और बहाली कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यक सेवाएं बहाल हों और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common