लंदन, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक अफ्रीका में गत एक दशक में जानवरों से इंसानों में बीमारी फैलने की संख्या में 60 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
संगठन ने कहा कि यह चिंताजनक संकेत है और धरती पर भविष्य में जानवरों से फैलने वाली बीमारियों जैसे मंकीपॉक्स, इबोला और कोरोना वायरस के मामले बढ़ सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य निकाय ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि पिछले दशक की तुलना में वर्ष 2012-2022 को समाप्त हुए दशक में जानवरों से इंसानों में होने वाली बीमारियों की संख्या में 63 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वर्ष 2019 से 2020 के बीच विशेष तौर पर ऐसे मामलों में वृद्धि हुई, जब जानवरों में पैदा हुई बीमारी से अंतत: इंसान प्रभावित हुए और अफ्रीका में बड़े पैमाने पर लोगों को चपेट में लेने वाली बीमारियों से करीब आधी बीमारियां ऐसी ही थीं।
संगठन ने बताया कि इन बीमारियों में इबोला आदि शामिल थे। इनके अलावा मंकीपॉक्स, डेंगू, एंथ्रेक्स और प्लेग का भी प्रकोप रहा।
डब्ल्यूएचओ की अफ्रीका क्षेत्र की निदेशक डॉ. मातशिदिसो मोइती ने कहा, ‘‘बड़े पैमाने पर फैलने से पहले हमें जानवरों से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए और अफ्रीका को संक्रामक बीमारियों का केंद्र बनने से रोकना चाहिए।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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