अमित शाह ने दिल्ली में ₹1,941 करोड़ से ज़्यादा के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में ₹1,941 करोड़ से ज़्यादा के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। इनमें ₹1,635 करोड़ की लागत वाला बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज़-3 भी शामिल है। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद राजधानी में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, ट्रैफिक जाम कम करना और आने-जाने में लगने वाले समय को घटाना है।

हाल ही में शुरू हुआ बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज़-3 मयूर विहार फेज़-1 से AIIMS तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देगा, जिससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच संपर्क मज़बूत होगा। शाह ने मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास की आधारशिला भी रखी।X पर एक पोस्ट में शाह ने कहा: “दिल्ली की कनेक्टिविटी को मज़बूत करने और दिल्ली के लोगों के लिए यात्रा आसान बनाने के मकसद से आज ₹1,941 करोड़ से ज़्यादा के कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया गया और उनकी आधारशिला रखी गई। ₹1,635 करोड़ की लागत से बने बारापुल्ला एलिवेटेड रोड फेज़-3 को आज दिल्ली के लोगों को समर्पित किया गया।

“उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर से आना-जाना आसान होगा, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय बचेगा।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके को राजधानी के विकास के सफर का एक अहम अध्याय बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व शाह का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि बारापुल्ला कॉरिडोर से लाखों लोगों का रोज़ाना का आना-जाना आसान हो जाएगा।गुप्ता ने मुकरबा चौक अंडरपास और प्रस्तावित मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर व लोनी अंडरपास का भी ज़िक्र किया, जो दिल्ली की कनेक्टिविटी को मज़बूत करेंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के लोगों को समर्पित चार बड़े प्रोजेक्ट्स से बड़ली, शालीमार बाग, आज़ादपुर, जहांगीरपुरी, रोहिणी और संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर जैसे इलाकों में आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी। उन्होंने साइकिल ट्रैक, पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ते, बेहतर लाइटिंग और ड्रेनेज जैसी सुविधाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

बारापुल्ला प्रोजेक्ट में हुई देरी का ज़िक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर को 2014 में मंज़ूरी मिली थी, लेकिन यह सालों तक अधूरा पड़ा रहा। उनके अनुसार, ज़मीन अधिग्रहण का मामला न सुलझना, पेड़ काटने की मंज़ूरी में देरी और हाई-टेंशन तारों को हटाने का काम न हो पाना इसकी प्रगति में बाधा बने।उन्होंने कहा, “2025 में जब हमारी सरकार ने ज़िम्मेदारी संभाली, तो उसने इस अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने का संकल्प लिया।

आज, वही अधूरा कॉरिडोर बनकर तैयार है और दिल्ली की जनता की सेवा के लिए समर्पित है।”इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्रज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह, तथा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह और रविंद्र सिंह नेगी भी मौजूद थे।https://x.com/gupta_rekha/status/2104858787618460121/photo/2

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