दिल्ली कैबिनेट ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दो उपायों को मंज़ूरी दी है: 30 इलेक्ट्रिक मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें लगाना और IIT दिल्ली के सहयोग से PM2.5 और PM10 की चौबीसों घंटे, रियल-टाइम निगरानी करना।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वीपिंग मशीनें राजधानी की छोटी सड़कों पर जमा धूल को नियमित रूप से हटाएँगी।
इस पहल में दिल्ली के 250 वार्डों की 854 सड़कें शामिल होंगी।कैबिनेट ने PM2.5 और PM10 की 24 घंटे निगरानी के लिए IIT दिल्ली के साथ सहयोग को भी मंज़ूरी दी। गुप्ता ने कहा कि इससे प्रदूषण के स्रोतों और उनके योगदान की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिससे स्रोत पर ही प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।गुप्ता ने X पर एक पोस्ट में कहा, “दिल्ली की हवा को साफ़ बनाना हमारी प्राथमिकता है।
इसके लिए हमारी सरकार विज्ञान, तकनीक और ज़मीनी स्तर पर ठोस कदमों के साथ साल के 365 दिन, 24×7 काम कर रही है।”इन फैसलों का मकसद सड़क की धूल को नियंत्रित करने के उपायों को मज़बूत करना और पूरी दिल्ली में लक्षित कार्रवाई के लिए रियल-टाइम प्रदूषण डेटा का इस्तेमाल करना है।https://x.com/gupta_rekha/photo